दिल्ली में बड़ी कार्रवाई: ठक-ठक गैंग के 2 बदमाश गिरफ्तार, 500 महिलाओं को निशाना बनाने वाला ब्लैकमेलर भी पकड़ा गया

नई दिल्ली में अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जहां ‘ठक-ठक गैंग’ के दो सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया, वहीं एक ऐसे शातिर ठग को भी दबोचा गया है जो सैकड़ों महिलाओं को निशाना बनाकर उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ चुका था। इन गिरफ्तारियों से राजधानी में कई पुराने मामलों की परतें भी खुली हैं।

पहला मामला दक्षिण दिल्ली का है, जहां एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए ‘ठक-ठक गैंग’ के दो बदमाशों को पकड़ा। यह गिरोह कारों के शीशे तोड़कर अंदर रखा सामान चुराने में माहिर था और लंबे समय से पुलिस के रडार पर था। 14 अप्रैल की शाम पुलिस को इनकी गतिविधियों की सूचना मिली, जिसके बाद इंस्पेक्टर उमेश यादव के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। 17 अप्रैल को पुष्पा भवन बस स्टैंड के पास दोनों आरोपी चोरी के मोबाइल फोन बेचने की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रहमत अली उर्फ सिब्बू (42) और हेमंत उर्फ बल्लू/कल्लू (35) के रूप में हुई है, जो पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 11 चोरी के मोबाइल फोन, एक पासपोर्ट, एक बैग और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली स्कूटी बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सिब्बू पर 23 और हेमंत पर 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों हाल ही में जेल से बाहर आए थे—सिब्बू जुलाई 2024 में और हेमंत मई 2024 में रिहा हुआ था। जेल से निकलने के बाद उन्होंने फिर से आपराधिक गतिविधियां शुरू कर दीं। इनकी गिरफ्तारी के बाद संगम विहार, महरौली, साकेत, मालवीय नगर और हौज खास जैसे इलाकों में दर्ज कम से कम 16 चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई साइबर अपराध से जुड़ी है, जहां दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने देशभर में 500 से अधिक महिलाओं को अपना शिकार बनाया। 16 अप्रैल को पकड़े गए इस आरोपी की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग के मामलों में सक्रिय था।

जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को डॉक्टर, बिजनेसमैन या फिल्म प्रोड्यूसर बताता था। इसके बाद वह महिलाओं से संपर्क कर उनसे भावनात्मक संबंध बनाता और शादी या रिश्ते का झांसा देता। जब भरोसा कायम हो जाता, तो वह निजी जानकारी और तस्वीरों के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था। पुलिस के मुताबिक, इस तरह उसने करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस अब इस मामले में और भी पीड़ितों की पहचान करने और आरोपी के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। दोनों मामलों में मिली सफलता को दिल्ली पुलिस अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि मान रही है, जिससे आने वाले समय में इस तरह के गिरोहों पर लगाम लगाने में मदद मिल सकती है।