जयपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों को कौशल आधारित, अनुभवात्मक और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने की दिशा में राजस्थान विश्वविद्यालय और आरोग्य भारती, जयपुर प्रांत ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों संस्थाओं के बीच स्वास्थ्य शिक्षा, इंटर्नशिप, कौशल विकास, स्वदेशी स्वास्थ्य प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारतीय स्वास्थ्य परंपरा से जोड़ते हुए उन्हें व्यवहारिक ज्ञान, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य शिक्षा को मिलेगा नया आयामइस समझौते के तहत विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में ऐसे कौशल विकसित करना है, जो उन्हें भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करने के साथ-साथ समाज सेवा के लिए भी तैयार करें।
एमओयू पर हुए हस्ताक्षरसमझौता ज्ञापन पर आरोग्य भारती, जयपुर प्रांत की ओर से प्रांत अध्यक्ष वैद्य केदारनाथ शर्मा तथा राजस्थान विश्वविद्यालय की ओर से अतिरिक्त रजिस्ट्रार ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव संजय शर्मा और अतिरिक्त निदेशक अरविंद कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कई प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूदसमारोह में आरोग्य भारती के प्रांत सचिव डॉ. श्रीराम तिवाड़ी, प्रांत सहकोषाध्यक्ष डॉ. इंद्र कुमार जैन, प्रांत सुपोषण आयाम प्रमुख डॉ. तारकेश्वर शर्मा, प्रांत महिला कार्य प्रमुख डॉ. शारदा टाक, डॉ. के.के. शर्मा तथा डॉ. श्वेता चौरसिया सहित अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों को मिलेगा व्यवहारिक प्रशिक्षणइस सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग, सुपोषण, जीवनशैली प्रबंधन, निवारक स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर वास्तविक कार्य अनुभव भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी व्यावसायिक क्षमता और सामाजिक समझ दोनों का विकास हो सके।
सर्टिफिकेट कोर्स और इंटर्नशिप को मिलेगा बढ़ावाएमओयू के तहत भविष्य में विभिन्न प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, इंटर्नशिप, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, शोध परियोजनाएं और जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुसंधान की समझ और रोजगारोन्मुख दक्षता विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को मिलेगी मजबूतीयह
पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की उस सोच को आगे बढ़ाती है, जिसमें
विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल, अनुभव और
रोजगार के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर बल दिया गया है। विश्वविद्यालय और
आरोग्य भारती का यह सहयोग विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक
जीवन के लिए भी तैयार करेगा।
स्वस्थ भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदमकार्यक्रम
में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान विश्वविद्यालय और आरोग्य
भारती का यह सहयोग स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप
में स्थापित होगा। यह पहल स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम और
स्वस्थ राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाएगी। साथ ही भारतीय स्वास्थ्य परंपरा पर आधारित ज्ञान को नई
पीढ़ी तक पहुंचाने और युवाओं को समाजोपयोगी, प्रशिक्षित तथा संवेदनशील
स्वास्थ्य स्वयंसेवक के रूप में विकसित करने में भी यह समझौता महत्वपूर्ण
साबित होगा।