राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन का दौर देखने को मिला। कुछ इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर रही कि अतिवृष्टि के कारण किसानों की खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में सबसे ज्यादा करीब 25 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई इस बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रिकॉर्ड किया गया।
बारिश का यह असर जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया। कई जगहों पर खेतों में पानी भर जाने से फसलें खराब हो गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां अतिवृष्टि हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसका असर उत्तर-पूर्वी राजस्थान, खासकर भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में जारी रहने की संभावना है। हालांकि, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में 21 और 22 मार्च को कहीं-कहीं हल्की बारिश और मेघगर्जन हो सकता है।
आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर नजर डालें तो अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में सामान्यतः शुष्क मौसम रहने की संभावना है। वहीं, तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, हालांकि यह अभी भी सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम बना रह सकता है।
इधर, किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रशासन को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जल्द से जल्द सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करें, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर सहायता दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश की समृद्धि का असली आधार अन्नदाता हैं और सरकार उनकी हर परिस्थिति में मदद के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उन्हें शीघ्र और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही है, ताकि किसानों को राहत मिल सके और वे इस संकट से उबर सकें।