राजस्थान में मानसून की दस्तक से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में आंधी, मेघगर्जन और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्री-मानसून का यह चरण अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है और यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान में प्रवेश कर सकता है।
शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। कोटा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, बूंदी और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ वर्षा हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले 24 घंटों के दौरान बूंदी जिले के रायथल क्षेत्र में सर्वाधिक 33 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा अन्य कई इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग का कहना है कि बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में 21 जून से 24 जून के बीच भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि दक्षिणी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगामी दिनों में वर्षा गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव बना रहेगा।
अगले 48 घंटों को देखते हुए विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के कई हिस्सों में तेज मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। वहीं जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के 31 जिलों में चेतावनी जारी की है। इनमें 18 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां तेज आंधी, बिजली चमकने और अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, कोटा, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक और डीडवाना-कुचामन समेत कई जिले शामिल हैं।
इसके अलावा राज्य के 13 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी मौसम के अचानक बदलने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने तथा बिजली चमकने के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान प्री-मानसून गतिविधियां मानसून के आगमन का संकेत दे रही हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो 25 जून के आसपास राजस्थान में मानसून की औपचारिक एंट्री हो सकती है। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने और तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है। फिलहाल लोगों को अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और बदलते मौसम का सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।