जयपुर। राजस्थान के करौली जिले में पंचना बांध से जुड़े करीब 20 वर्षों पुराने विवाद का आखिरकार समाधान हो गया है। लंबे इंतजार के बाद सोमवार को कमांड एरिया में जल वितरण व्यवस्था की जांच के लिए नहरों में परीक्षण स्वरूप पानी छोड़ा गया। इसके साथ ही क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं से बांध के आसपास स्थित 39 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, गंभीरी नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए पंचना बांध के तीन गेट भी खोल दिए गए।
जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री सुरेश सिंह रावत ने गृह राज्य मंत्री तथा करौली जिले के प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेधम की मौजूदगी में पंचना बांध क्षेत्र में दो नई लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं और गुडला लिफ्ट परियोजना के अंतर्गत पीडीएन (PDN) सिस्टम के रीमॉडलिंग कार्य का शिलान्यास किया। करीब 61 लाख रुपये की लागत से विकसित होने वाली इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 13 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बांध के कैचमेंट और कमांड क्षेत्र में आने वाले गांवों तक भी जल आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
शिलान्यास कार्यक्रम से पहले पहाड़ी गांव स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने भाग लिया। लंबे समय से इस परियोजना के क्रियान्वयन की प्रतीक्षा कर रहे लोगों में पानी छोड़े जाने को लेकर उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।
जनसभा को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि करीब दो दशक बाद पंचना बांध से पानी छोड़े जाने का सपना साकार हुआ है, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा और सिंचाई व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, पुलिस महानिरीक्षक कैलाश बिश्नोई, जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर तथा जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक पहल को जनसमर्थन भी प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि पंचना बांध के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ था। राज्य सरकार के स्तर पर 30 जून को इस मुद्दे पर सहमति बनने के बाद जल संसाधन विभाग ने पानी छोड़ने की प्रक्रिया और तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया था। सहमति के बाद विभाग ने कमांड एरिया में जल वितरण की पूरी योजना तैयार की और परीक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
कार्यक्रम से दो दिन पहले जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पंचना बांध का विस्तृत निरीक्षण भी किया था। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, कार्यकारी अभियंता विवेक बंसल तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा, जल प्रवाह, तकनीकी प्रबंध और अन्य आवश्यक तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि ट्रायल के दौरान जल वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो और भविष्य में किसानों को नियमित रूप से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।