राजस्थान: लक्ष्मणगढ़ में स्कूल बस और बाइक की टक्कर में उजड़ा परिवार, पिता-बेटी की दर्दनाक मौत

राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में बुधवार सुबह एक ऐसी दिल दहला देने वाली दुर्घटना हुई, जिसने एक पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। खोरू गांव के पास एम के मेमोरियल स्कूल की बस और बाइक के बीच हुई भयानक टक्कर ने एक बाप-बेटी की जिंदगी छीन ली, जबकि मां जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। घटना के बाद पूरे कस्बे में मातम पसर गया और लोगों का गुस्सा भी सड़कों पर उतर आया।

48 घंटे बाद मिला अंतिम विदाई का मौका, शवों का किया गया अंतिम संस्कार

बुधवार को हुए हादसे के 48 घंटे बाद शुक्रवार को मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा गया, जिससे वे अपने अपनों को अंतिम बार देख और विदा कर सके। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने मृतक के भाई विनोद कुमार शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सिर्फ खेत तक जाना था... लेकिन लौटे ही नहीं


बुधवार की सुबह वार्ड संख्या 29 के निवासी मुरारीलाल शर्मा अपने बेटे निखिल कुमार (22 वर्ष) और पत्नी उषा के साथ बाइक पर सवार होकर खोरू गांव के पास अपने खेत की ओर जा रहे थे। एक साधारण-सी सुबह थी, जिसमें परिवार अपने रोजमर्रा के काम के लिए निकला था।

लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था।

इसी दौरान सामने से तेज़ी से आ रही एम के मेमोरियल स्कूल की बस, जो बच्चों से भरी हुई थी, ने अचानक से बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि निखिल कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 60 वर्षीय मुरारीलाल शर्मा ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। पत्नी उषा गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
अस्पताल की मोर्चरी में पड़ी रही लाशें, परिजनों का फूटा दर्द

मृतकों के शवों को लक्ष्मणगढ़ के जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था। इस दर्दनाक हादसे के बाद सर्वसमाज और परिजनों ने कस्बे को बंद करवाया और विरोध प्रदर्शन भी किया। परिवार की इस स्थिति को देख पूरा कस्बा संवेदना में डूबा रहा। लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। बाद में प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया।

परिवार की चीखें और समाज का साथ

जब शव परिजनों को सौंपे गए, तब घर में कोहराम मच गया। रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों की आंखें नम थीं, हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था – “किसकी गलती थी जो दो जिंदगियां चली गईं?” पिता और बेटे के जाने के बाद परिवार टूट चुका है और मां अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच, इंसाफ की उम्मीद बाकी

मृतक के भाई विनोद कुमार शर्मा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। उम्मीद है कि दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और परिवार को न्याय मिलेगा।