राजस्थान में गर्मी का कहर तेज: चित्तौड़गढ़ में पारा 42.4 पार, आगे और बढ़ेगा तापमान, लू का अलर्ट

राजस्थान में गर्मी ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है और तापमान लगातार नए स्तर छू रहा है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है, जो सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक है। बढ़ती गर्मी के बीच कई क्षेत्रों में लू चलने की आशंका भी जताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में धूल भरी तेज हवाएं भी चल सकती हैं। फिलहाल प्रदेश में सबसे अधिक तापमान चित्तौड़गढ़ में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर 41.7 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

जयपुर स्थित मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में 42.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान भीलवाड़ा में 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग का अनुमान है कि आगामी चार से पांच दिनों तक मौसम शुष्क ही रहेगा और तापमान में 1 से 2 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। खासतौर पर उत्तरी राजस्थान में 23 से 25 अप्रैल के बीच कुछ स्थानों पर हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग और आसपास के इलाकों में 22 और 23 अप्रैल को 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।
अगर प्रमुख शहरों के तापमान पर नजर डालें तो चित्तौड़गढ़ 42.4 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि बाड़मेर 41.7, कोटा 41.4, जैसलमेर 41.4, बीकानेर 41.4, पिलानी 41.3, चूरू 41.3 और श्रीगंगानगर 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए। इसके अलावा फलौदी 41.2, जोधपुर 41.1, भीलवाड़ा 40.4, वनस्थली 40.1, अलवर 39.8, करौली 39.8 और जयपुर में 39.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं पाली, बूंदी, टोंक और सवाई माधोपुर में 39.0 डिग्री, धौलपुर 39.0, जालौर 39.1, अजमेर 38.0, सीकर 38.0, हनुमानगढ़ 38.3, नागौर 38.5, सिरोही 37.5 और डूंगरपुर में 32.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर, एसी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर के समय सड़कों पर भी आवाजाही कम देखने को मिल रही है।

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जितना संभव हो छायादार स्थानों पर रहें और सीधी धूप से बचें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को छाया में रखें और फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें। इसके साथ ही पशु-पक्षियों को भी तेज गर्मी और लू से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने की अपील की गई है।