किशनगढ़ (अजमेर)। राजस्थान के किशनगढ़ से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने खेल जगत को आश्चर्य और गर्व से भर दिया है। बेहद कम उम्र में असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हुए नन्हे अतिक्ष लखोटिया ने केवल 2 साल 10 महीने की आयु में इनलाइन स्केटिंग करते हुए 520 मीटर की दूरी मात्र 6 मिनट में पूरी कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल स्केटिंग प्रेमियों बल्कि पूरे खेल समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
इतनी छोटी उम्र में अतिक्ष का आत्मविश्वास, संतुलन और स्केटिंग के दौरान दिखाई गई शानदार पकड़ लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गई। रिकॉर्ड के दौरान उन्होंने जिस स्थिरता और निरंतर गति के साथ दूरी पूरी की, उसने उपस्थित लोगों को हैरान कर दिया। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि इस आयु में बच्चों का सामान्य संतुलन विकसित हो रहा होता है, ऐसे में अतिक्ष का यह प्रदर्शन बेहद दुर्लभ और उल्लेखनीय माना जा रहा है।
अतिक्ष के माता-पिता (प्रियंका - अभिलाष लखोटिया) के अनुसार, अतिक्ष ने बहुत छोटी उम्र से ही प्रशिक्षकों की देखरेख में स्केटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया था। नियमित अभ्यास, अनुशासित प्रशिक्षण और परिवार के निरंतर सहयोग ने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धीरे-धीरे उनकी स्केटिंग क्षमता इतनी बेहतर होती गई कि उन्होंने रिकॉर्ड बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए।
जानकारी के मुताबिक, रिकॉर्ड प्रयास को पूरी सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया गया था। स्केटिंग ट्रैक पर सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा गया ताकि बच्चे को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने अतिक्ष की बेहतरीन स्केटिंग तकनीक और उनके अद्भुत नियंत्रण की जमकर सराहना की।
अतिक्ष लखोटिया की इस उपलब्धि को और अधिक प्रतिष्ठा तब मिली, जब उनका नाम आधिकारिक रूप से India Book of Records में दर्ज किया गया। इस मान्यता के साथ उनकी उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है और अब वे देश के सबसे कम उम्र के प्रतिभाशाली स्केटर्स में गिने जा रहे हैं।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संस्थाओं की औपचारिक प्रक्रिया अभी आगे जारी रह सकती है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत तक अतिक्ष की उपलब्धि चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लोग उनकी प्रतिभा की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं और इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं।
बाल खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में किसी भी खेल गतिविधि में बच्चों की भागीदारी के दौरान प्रशिक्षित निगरानी, सुरक्षित उपकरण और शारीरिक विकास का संतुलन बेहद आवश्यक होता है। अतिक्ष की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल मिलने पर बच्चे छोटी उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।