Rajasthan: बूंदी में स्वास्थ्य विभाग ने चलाया बड़ा अभियान, 100 से अधिक अवैध क्लिनिक किए सीज

बूंदी जिले में स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लिनिक संचालकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है, जिसने प्रशासन और आमजन दोनों में हड़कंप मचा दिया। मेडिकल स्टोर और परचून की दुकानों का बहाना बनाकर चलाए जा रहे अवैध क्लिनिकों पर शिकंजा कसते हुए विभाग ने जिलेभर में 100 से अधिक झोलाछाप क्लिनिकों को सीज कर दिया। कार्रवाई की खबर लगते ही कई नकली डॉक्टर मौके से फरार हो गए, जबकि कुछ ने क्लिनिक बंद कर ताले लगाकर भागने की कोशिश की। विभाग के अनुसार, ये झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को गलत दवाइयां और अनुचित इलाज दे रहे थे, जिससे कई मामलों में मरीजों की जान खतरे में पड़ रही थी और उन्हें बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में यह स्थिति और भी गंभीर थी।

पांच ब्लॉक में एक साथ कार्रवाई

ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी एलपी नागर ने बताया कि राज्य स्तर से मिले निर्देशों और जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा के आदेश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। सीएमएचओ डॉ. ओपी सामर के नेतृत्व में बूंदी, तालेड़ा, नैनवा, हिंडोली, केशवरायपाटन और लाखेरी के सभी 5 ब्लॉक में एक साथ कार्रवाई की गई।

अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर झोलाछाप डॉक्टरों के ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें सीज किया। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा चलाए जा रहे संदिग्ध क्लिनिक या झोलाछाप डॉक्टर की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जा सके।

क्लिनिक चलाने के नियम और मानक

कानून के अनुसार केवल वही व्यक्ति क्लिनिक या डिस्पेंसरी चला सकता है, जिसके पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एमबीबीएस या उसके समकक्ष डिग्री हो और जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया या संबंधित राज्य मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत हो।

साथ ही, आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सक केवल अपनी-अपनी प्रणाली के अनुसार ही इलाज कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति बिना उचित डिग्री या पंजीकरण के क्लिनिक चलाता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।

इस अभियान के जरिए बूंदी जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और अवैध या झोलाछाप चिकित्सकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।