केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की बड़ी घोषणा, अब ‘फार्मर आईडी’ के जरिए मिलेगा खाद और सरकारी योजनाओं का लाभ

राजस्थान में आयोजित पश्चिम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए कई अहम घोषणाएं करते हुए भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने कहा कि सरकार अब खेती से जुड़ी सुविधाओं और योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसके तहत ‘फार्मर आईडी’ को एक महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा।

फार्मर आईडी से जुड़ेगा किसानों का पूरा डेटा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने का कार्य तेजी से जारी है। इस ‘फार्मर आईडी’ में किसान की जमीन, फसल और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में खाद समेत कई जरूरी संसाधनों का वितरण इसी आईडी के माध्यम से किया जाएगा। राजस्थान में अभी लगभग 10 लाख किसानों की आईडी बननी बाकी है, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यों को मिलेगी योजना लागू करने की स्वतंत्रता

शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य पर योजनाएं थोपने के पक्ष में नहीं है। राज्य अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाओं का चयन कर सकेंगे और तय कर पाएंगे कि उन्हें किन क्षेत्रों में कितना निवेश करना है। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि बजट की राशि जल्द ही राज्यों को उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि योजनाओं को समय पर लागू किया जा सके।

किसानों के लिए परिवहन खर्च में राहत

किसानों को बाजार में उचित दाम दिलाने के उद्देश्य से मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगर किसान अपनी उपज को किसी सरकारी एजेंसी के माध्यम से दूसरे स्थान पर बेचता है, तो उसके परिवहन का खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी। हाल ही में आलू और प्याज की कीमतों में गिरावट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कदम किसानों को नुकसान से बचाने में मदद करेंगे।

कम जमीन में बेहतर उत्पादन पर जोर


उन्होंने यह भी बताया कि देश में ज्यादातर किसानों के पास सीमित जमीन है, इसलिए सरकार ऐसे कृषि मॉडल तैयार कर रही है, जिनसे कम जमीन में भी अधिक और बेहतर उत्पादन संभव हो सके। यह सम्मेलन बदलती जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र के लिए नई रणनीतियां तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
खेती को लाभकारी बनाना समय की मांग

इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेती कई बार घाटे का सौदा बन जाती है, इसलिए जरूरी है कि ऐसी फसलों और तकनीकों पर ध्यान दिया जाए, जो किसानों को बेहतर आय दिला सकें।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आगामी ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया और उम्मीद जताई कि इस तरह के मंथन से निकले सुझाव खेतों तक पहुंचेंगे।

केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत राज्यों से उनकी जरूरतों की जानकारी मांगी और आश्वासन दिया कि जिन क्षेत्रों में विशेषज्ञों की जरूरत होगी, वहां केंद्र सरकार वैज्ञानिकों की टीम भेजेगी। राजस्थान सरकार ने भी कृषि रोडमैप तैयार करने की दिशा में पहल की है, जिसके लिए केंद्र स्तर पर विशेष टीम गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।