बालोतरा (राजस्थान)। राजस्थान के बालोतरा जिले में पचपदरा रिफाइनरी को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक संकट और सरकार की रणनीति पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय से जिस ऊर्जा आत्मनिर्भरता का इंतजार किया जा रहा था, अब वह धीरे-धीरे साकार होती दिखाई दे रही है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि एक समय देश की लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आपूर्ति हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती थी। पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बनने के बाद अचानक आपूर्ति प्रभावित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में राजस्थान की धरती से प्रेरणा लेते हुए सरकार ने संकट का डटकर सामना किया और रिफाइनरी परियोजनाओं सहित ऊर्जा क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।
वैश्विक संकट के बीच लिए गए फैसलों का किया जिक्रप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने जल्दबाजी या घबराहट में नहीं, बल्कि सोच-समझकर निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण, प्रशासनिक स्तर और कूटनीतिक मोर्चे पर जो कदम उठाए गए, वे आने वाले वर्षों में मिसाल के तौर पर याद किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भारत अपनी एलपीजी की लगभग 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात के माध्यम से पूरी करता है और इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बाद देश के सामने ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन समय रहते बनाई गई रणनीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कूटनीति के कारण स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाल लिया गया।
तेल कंपनियों का नुकसान एक नई रिफाइनरी जितना थाप्रधानमंत्री ने कहा कि संकट का असर तेल कंपनियों पर भी पड़ा। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच केवल पेट्रोल और डीजल की बिक्री में सरकारी तेल कंपनियों को लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा, इतनी राशि में तो एक नई रिफाइनरी तैयार की जा सकती है। इसके बावजूद सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी रहे। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य हर हाल में नागरिकों के हितों की रक्षा करना था।
कुछ ही दिनों में बढ़ाया गया एलपीजी उत्पादनप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संकट के दौरान सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए भी तेजी से कदम उठाए। उन्होंने बताया कि महज सात दिनों के भीतर एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई।
उनके अनुसार, जहां पहले प्रतिदिन लगभग 35 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन हो रहा था, वहीं संकट के समय इसे बढ़ाकर करीब 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन कर दिया गया। इतना ही नहीं, जिन रिफाइनरियों में पहले एलपीजी का उत्पादन नहीं होता था, वहां भी आवश्यक बदलाव कर उत्पादन शुरू कराया गया। इसके साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार करते हुए करीब 11 लाख नए घरों को इससे जोड़ा गया, जिससे घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को अतिरिक्त मजबूती मिली।
राजस्थान के युवाओं को मिली सरकारी नौकरी की सौगातअपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के करीब 54 हजार युवाओं को सरकारी सेवा के नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल रोजगार प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि राज्य और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की जिम्मेदारी भी है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि नए नियुक्त कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा राजस्थान के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर रोजगार, आधारभूत संरचना और ऊर्जा क्षेत्र में ऐसे ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाती रहेंगी, ताकि भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ सके।