20 साल पुराना पांचना बांध जल विवाद सुलझा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से दोनों पक्षों में बनी सहमति

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से करौली जिले के पांचना बांध के जल बंटवारे को लेकर पिछले दो दशकों से चला आ रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। जयपुर स्थित शिक्षा संकुल में आयोजित वार्ता के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता संपन्न हुआ। बैठक में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित संगठनों ने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकालने पर सहमति जताई।

2100 एमसीएफटी क्षमता वाले बांध से 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई

पांचना बांध की कुल जल भंडारण क्षमता 2100 एमसीएफटी है और इसके माध्यम से लगभग 10 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। हालांकि वर्ष 2006 के बाद से कमांड क्षेत्र की नहरों में बांध का पानी नहीं छोड़ा जा रहा था। गुडला क्षेत्र सहित 21 राजस्व गांव लंबे समय से यह मांग उठा रहे थे कि नहरों में पानी छोड़ने से पहले लिफ्ट सिंचाई परियोजना के जरिए उनके गांवों तक भी पानी पहुंचाया जाए। इस मांग को लेकर करीब 20 वर्षों से गतिरोध बना हुआ था, लेकिन पूर्व में इस दिशा में कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका।

बजट घोषणा के बाद समाधान की दिशा में बढ़े कदम

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई योजना से जोड़ने की घोषणा की थी। इस फैसले के बाद लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की उम्मीद मजबूत हुई। सरकार ने नहर प्रणाली को फिर से चालू करने के लिए 11.50 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत और सुधार कार्य भी शुरू कराया, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भरोसा दिलाया कि बजट घोषणा के अनुरूप परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
सात दिन में तय होगी पानी छोड़ने की तारीख

समझौते के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सकारात्मक सोच और संवाद की पहल के कारण दोनों पक्षों के बीच सहमति बन सकी। उन्होंने बताया कि सरकार ने दोनों पक्षों की उचित मांगों को स्वीकार किया है। विभाग अगले सात दिनों के भीतर पांचना बांध से पानी छोड़ने की तिथि तय करेगा। साथ ही नहर तंत्र की तकनीकी जांच पूरी कर जल्द ही परीक्षण के तौर पर जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कमांड क्षेत्र में लिफ्ट सिंचाई योजना को मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था के विस्तार के लिए भी शीघ्र आवश्यक कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।

मंत्रियों ने समाधान का किया स्वागत, किसानों से बनाए रखने की अपील की एकता


गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इस समझौते को राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए सभी पक्षों से आग्रह किया कि नहरों में जल प्रवाह शीघ्र शुरू कराने में सहयोग करें। वहीं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने करीब 20 वर्ष पुराने विवाद के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने किसानों और स्थानीय लोगों को आपसी सहयोग, समन्वय और सौहार्द बनाए रखने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इसी सकारात्मक सोच से क्षेत्र का विकास संभव हो सकेगा।

अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने भी जताया आभार

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार, एडीजीपी एवं आरपीए निदेशक संजीव नार्जरी, शासन सचिव (ग्रामीण विकास) कृष्ण कुणाल, भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक कैलाश चंद बिश्नोई, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर, करौली एवं सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी तथा राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से सभी को अवगत कराया। इस अवसर पर गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था और गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी दो दशक पुराने जल विवाद का समाधान होने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।