NH-21 पर टला बड़ा हादसा : स्टेयरिंग फेल होने से बेकाबू हुई स्लीपर बस, पेट्रोल पंप की दीवार तोड़ खेत में जा घुसी

दौसा। राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय क्षेत्र में बुधवार को नेशनल हाईवे-21 पर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। जयपुर से आगरा की ओर जा रही एक निजी स्लीपर बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे स्थित एक पेट्रोल पंप की दीवार तोड़ते हुए खेत में जा पहुंची। घटना के समय बस में करीब 20 यात्री सवार थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंच गए।

स्टेयरिंग में खराबी आते ही चालक ने बचाने की कोशिश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस जैसे ही मानपुर थाना क्षेत्र के संवास गांव के पास पहुंची, तभी अचानक उसकी स्टेयरिंग ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की भरसक कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार बस बेकाबू होकर सड़क से उतर गई। इसके बाद वह पेट्रोल पंप की चारदीवारी को तोड़ती हुई सीधे खेत में जा घुसी। हादसे के दौरान बस का अगला हिस्सा एक गहरे गड्ढे के बिल्कुल किनारे तक पहुंच गया। यदि वाहन कुछ और आगे बढ़ जाता तो दुर्घटना कहीं अधिक भयावह हो सकती थी।

चालक समेत चार यात्री हुए घायल

इस हादसे में बस चालक रामगोपाल को मामूली चोटें आईं। वहीं बस में सफर कर रहे चार अन्य यात्री भी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों को इलाज के लिए सिकराय उप जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में सभी का प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही मानपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटनाग्रस्त बस की स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच में स्टेयरिंग फेल होना हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस अब तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।

मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़, यातायात कराया गया सामान्य

हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से हालात पर जल्द ही काबू पा लिया गया। क्षतिग्रस्त बस को हटाने के बाद हाईवे पर यातायात भी सामान्य कर दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ने वाले भारी वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, फिटनेस और सुरक्षित संचालन की आवश्यकता को रेखांकित कर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।