किशनगढ़ में भीषण अग्निकांड: सिलोरा RIICO के गोदाम में धधकी आग, पास की ऑयल फैक्ट्री बाल-बाल बची

मार्बल सिटी किशनगढ़ में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सिलोरा RIICO औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेज़ी से फैली कि कुछ ही देर में काले धुएं के बादल पूरे इलाके में छा गए। लपटों की ऊंचाई दूर से ही दिखाई दे रही थी, जिससे आसपास की फैक्ट्रियों और कामगारों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार, गोदाम में कागज के गत्तों और प्लास्टिक के बारदाने का निर्माण और भंडारण किया जाता था। बड़ी मात्रा में ज्वलनशील प्लास्टिक वेस्ट और कागजी सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बगल में स्थित ऑयल फैक्ट्री पर भी खतरा मंडराने लगा। यदि आग वहां तक पहुंचती, तो बड़ा विस्फोट हो सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही किशनगढ़ शहर थाना पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी बन्नालाल जाट के नेतृत्व में पुलिस बल, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए किशनगढ़ के अलावा दूदू और अजमेर से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगवाई गईं। कुल मिलाकर करीब पांच दमकल वाहनों ने आग बुझाने में हिस्सा लिया।

नगर परिषद के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामप्रसाद चौधरी की निगरानी में दमकलकर्मियों और एनडीआरएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला। प्राथमिकता ऑयल फैक्ट्री को सुरक्षित रखना था, जिसके लिए लगातार पानी की बौछारें की गईं और आग को उस दिशा में बढ़ने से रोका गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

हालांकि इस अग्निकांड में गोदाम के भीतर रखा लाखों रुपये का कच्चा माल, मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि संबंधित गोदाम में फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी अक्सर बड़े हादसों को जन्म देती है। इस घटना ने एक बार फिर इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जरूरत को उजागर कर दिया है।