‘आपसे न हो पाएगा’, शर्टलेस प्रदर्शन पर कुमार विश्वास का तंज; यूथ कांग्रेस के विरोध को बताया ‘मुद्दाहीन नंगापन’

नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगाए। माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर नारेबाजी की।

स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला और करीब दस लोगों को हिरासत में लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सभी को तिलक मार्ग थाने ले जाया गया और स्पष्ट किया गया कि किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कुमार विश्वास की तीखी प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रख्यात कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जब देश एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार को प्रदर्शित कर रहा है, ऐसे समय में इस तरह का प्रदर्शन विपक्ष की मुद्दों की कमी को दर्शाता है।

उन्होंने इसे “मुद्दाहीन नंगापन” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी और वैचारिक रूप से परिपक्व पार्टी में यदि गंभीर विषयों का अभाव हो जाए, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अपने अंदाज में तंज कसते हुए उन्होंने लिखा, “आपसे न हो पाएगा भाई।”

भाजपा का कांग्रेस पर हमला

विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। बीजेपी आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे ‘राष्ट्रीय शर्म’ बताते हुए कहा कि जब भारत वैश्विक एआई सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और तकनीकी नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है, तब इस तरह का व्यवधान अनुचित है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर ऐसा आचरण किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को ठेस पहुंचे। उनके मुताबिक, राजनीतिक असहमति लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन देश की साख को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब देश खुद को वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब इस प्रकार के प्रदर्शन से गलत संदेश जाता है। वहीं कांग्रेस समर्थक इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर सियासी गलियारों में बयानबाजी तेज कर दी है और एआई समिट से इतर राजनीतिक बहस का नया दौर शुरू कर दिया है।