जयपुर के करधनी इलाके में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या के मामले में फरार चल रहे 45 वर्षीय राहुल झा को पुलिस ने रविवार को सीकर जिले के रींगस से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद जयपुर से निकलकर राहुल खाटूश्यामजी पहुंचा था। वहां दर्शन करने के बाद उसने एक होटल में ठहरने की कोशिश की, लेकिन पैसे खत्म होने के कारण ज्यादा देर नहीं रुक सका। इसके बाद वह रींगस पहुंचा, जहां सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे पकड़ लिया।
होटल के कैमरे से मिला अहम सुरागपुलिस आरोपी की तलाश में जयपुर से लेकर सीकर जिले तक अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान रींगस स्थित होटल रींगस राज के लाइव कैमरे में राहुल नजर आया। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और मिल तिराहे के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे जयपुर लाया गया, जहां मामले की आगे की जांच की जा रही है।
खाटूश्यामजी में दर्शन के बाद होटल में रुकापुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद राहुल जयपुर से फरार होकर खाटूश्यामजी पहुंचा था। वहां पूजा-अर्चना करने के बाद वह एक होटल में ठहरा। रिपोर्टों के अनुसार, उसके पास खर्च के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। इसी दौरान उसने अपनी अंगूठी बेचने की कोशिश भी की, लेकिन होटल कर्मचारियों से इसे लेकर बात नहीं बन सकी। इसके बाद वह रींगस की तरफ चला गया।
घर में मिले थे पत्नी और तीन बेटियों के शवयह मामला 11 सितंबर को सामने आया था। करधनी थाना क्षेत्र की गोविंद वाटिका स्थित घर में राहुल की पत्नी गीता झा और उनकी तीन बेटियों के शव अलग-अलग कमरों में मिले थे। शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, चारों पर सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था। घटनास्थल से सीमेंट के ब्लॉक/पत्थर भी बरामद किए गए थे, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गीता का शव पहली मंजिल के कमरे में मिला था, जबकि तीनों बेटियों के शव ग्राउंड फ्लोर के अलग-अलग कमरों में मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई थी कि हमला उस समय किया गया, जब परिवार के सदस्य सो रहे थे।
हत्या के बाद पिता को चाय पिलाकर निकला थाघटना के शुरुआती जांच विवरण में सामने आया था कि राहुल ने कथित हत्या के बाद भी सामान्य तरीके से गतिविधियां कीं। पुलिस के अनुसार, उसने सुबह दूध लिया और अपने बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई। इसके बाद वह घर से निकल गया। कुछ देर बाद पिता को घर में खून दिखाई दिया और पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
कर्ज और मकान को लेकर विवाद की जांचपुलिस हत्या के पीछे आर्थिक परेशानी और पारिवारिक विवाद समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि राहुल पर कर्ज था और वह गोविंद वाटिका स्थित मकान को बेचने की कोशिश कर रहा था। बताया गया कि मकान पत्नी के नाम था और इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच विवाद की बात सामने आई है। राहुल ने हत्या से कुछ दिन पहले एक पड़ोसी से 50 हजार रुपये उधार मांगे थे, लेकिन उसे 25 हजार रुपये ही मिल पाए थे।
हालांकि, इन परिस्थितियों को हत्या का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम और कथित मकसद की पुष्टि करने की कोशिश करेगी।
नशीला पदार्थ दिए जाने की आशंका की भी जांचमामले की जांच में एक और पहलू सामने आया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हत्या से पहले पीड़ितों को कोई जहरीला पदार्थ या नशीली दवा दी गई थी। जांचकर्ताओं ने मृतकों के मुंह के आसपास झाग पाए जाने के बाद इस संभावना पर गौर किया है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि गंभीर चोट के बाद भी ऐसा हो सकता है, इसलिए केवल इस आधार पर जहर दिए जाने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या पहले से योजनाबद्ध थी या घटनाक्रम अचानक हिंसक हुआ। फोरेंसिक जांच और आरोपी से पूछताछ के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अब राहुल से पूछताछ में खुलेंगे कई सवालराहुल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब हत्या की पूरी टाइमलाइन, कथित मकसद, वारदात के तरीके और हत्या के बाद उसके जयपुर से निकलने से लेकर रींगस पहुंचने तक की गतिविधियों को जोड़ने की चुनौती है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि खाटूश्यामजी जाने और होटल में रुकने के दौरान उसने किन लोगों से संपर्क किया था।
फिलहाल राहुल झा इस मामले में हत्या के आरोपी के तौर पर पुलिस की हिरासत में है। अंतिम रूप से अपराध और उसकी परिस्थितियों से जुड़े तथ्य जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्थापित होंगे।