राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर सियासी हलचल के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बीकानेर से अलवर लौटते समय बहरोड़ कांग्रेस कार्यालय पहुंचे जूली ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं से भी चर्चा की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने की अपील की। इसी दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शिकायतें आगे बढ़ाई जाएंगी और मामलों को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
जूली ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया गया है और चुनाव समय पर नहीं कराए गए। उन्होंने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के नारे पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि नगर निकाय और पंचायत चुनाव अलग-अलग चरणों में कराए जा रहे हैं और लंबे समय तक आचार संहिता लागू रहने की स्थिति बन रही है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि कई चरणों में चुनाव होने के बावजूद इसे एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था कैसे कहा जा सकता है।
निकाय चुनावों में अनियमितताओं का आरोपपत्रकारों से बातचीत में जूली ने नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने चुनाव से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायत की है। जूली का आरोप था कि भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की, जबकि उनके अनुसार कांग्रेस का जनसमर्थन मजबूत हुआ है।
उन्होंने पिछले विधानसभा, लोकसभा और निकाय चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा को पहले की तुलना में कम वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस के वोट आधार में बढ़ोतरी हुई है। जूली ने अपहरण सहित अन्य मामलों में दर्ज मुकदमों का उल्लेख करते हुए भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंचायत चुनावों में कांग्रेस हर कथित अनियमितता का संवैधानिक तरीके से विरोध करेगी। उनका कहना था कि जिन अधिकारियों ने नियमों के विपरीत काम किया है, उनके खिलाफ शिकायतों को आगे बढ़ाया जाएगा। संबंधित मामलों को विधानसभा में उठाकर जिम्मेदार लोगों की भूमिका को आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने की बात भी उन्होंने कही।
करीब 3 हजार करोड़ रुपये के भुगतान अटकने का दावाजूली ने पंचायती राज व्यवस्था और ग्रामीण विकास कार्यों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि करीब 3 हजार करोड़ रुपये के भुगतान अटके हुए हैं, जिससे ग्रामीण विकास से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन, पालनहार योजना और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ भी लोगों को समय पर नहीं मिल पा रहा है।
किसानों से जुड़े मुद्दों पर जूली ने खाद-बीज की उपलब्धता, समर्थन मूल्य, समय पर बिजली और मुआवजे का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक इन समस्याओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए।
सूखे जैसे हालात और पशुओं के लिए चारे-पानी का मुद्दानेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति और पशुओं की मौतों से जुड़ी खबरों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
जूली ने मुख्यमंत्री की ओर से दिसंबर तक पानी के टैंकर बढ़ाने की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल राहत उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यापक स्तर पर स्थायी समाधान की जरूरत है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
बिजली-पानी की व्यवस्था पर भी सरकार को घेराजूली ने बिजली और जलदाय विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विभागों के मंत्री ही अपने क्षेत्रों में बिजली और पानी की उपलब्धता को लेकर समस्याएं बता रहे हैं, तो इससे प्रदेश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने वन मंत्री की ओर से सरकार के खिलाफ धरने का भी उल्लेख किया और मुख्यमंत्री के गृह जिले में अपराध की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें गुमराह कर रही है।
उन्होंने राजस्थान के प्रत्येक नागरिक पर करीब 2 लाख रुपये के कर्ज का दावा करते हुए सरकार से यह भी सवाल किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए इस स्थिति में क्या ठोस काम किए गए हैं।
सड़क, नाली, स्कूल और अस्पतालों को लेकर सवालपंचायत चुनाव के मद्देनजर जूली ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर विकास कार्यों का हिसाब जनता के सामने रखने को कहा। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में सड़कों, नालियों और बोरिंग की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या गांवों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध हैं।
उन्होंने स्कूल भवनों की खराब स्थिति और अस्पतालों में प्रसूताओं की मौतों से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए चिकित्सा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। इसके अलावा दिल्ली में कैंसर के नकली इंजेक्शन पकड़े जाने की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने राजस्थान में भी ऐसी दवाओं की बिक्री की आशंका पर चिंता जताई। जूली ने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारीबहरोड़ कांग्रेस कार्यालय पहुंचने पर जूली का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इनमें पीसीसी सचिव संजय यादव, पीसीसी महासचिव डॉ. आरसी यादव, महिला आयोग अध्यक्ष सुमन यादव और पार्षद नवीन यादव सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
इस दौरान पंचायत चुनाव के लिए टिकट की इच्छा रखने वाले पार्टी नेताओं से भी जूली ने मुलाकात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट रहने और पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने का आह्वान किया।
जूली ने दोहराया कि कांग्रेस पंचायत चुनाव के दौरान सामने आने वाली कथित अनियमितताओं का संवैधानिक तरीके से विरोध करेगी। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के बीच जाकर विकास और स्थानीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।