SIR को लेकर जारी विवाद के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संगठन की आलोचना करने वालों पर पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए CJP की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दीपके ने कहा कि उनके पास आलोचकों के बारे में कहने के लिए काफी कुछ है, लेकिन इस तरह की बहस में उलझने से कोई फायदा नहीं होगा।
दीपके के मुताबिक, कुछ लोग लगातार CJP की साख खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन फिलहाल वह अपनी ऊर्जा ऐसी बहस में नहीं लगाना चाहते। उनका कहना है कि CJP के लिए उन युवाओं और उनके मुद्दों पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है, जिनके लिए संगठन अपनी आवाज उठाने की बात करता है।
राजनीतिक दलों पर भी साधा निशानाअपने सोशल मीडिया पोस्ट में अभिजीत दीपके ने स्थापित राजनीतिक दलों को लेकर भी अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि युवाओं का एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक दलों के बीच चल रही आपसी खींचतान से परेशान है।
दीपके के अनुसार, जिन लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा राजनीतिक दल करते हैं, उनकी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय कई बार राजनीतिक दल अपनी राजनीतिक अहमियत बढ़ाने में अधिक रुचि लेते हैं। यह दीपके की ओर से सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई राजनीतिक राय है।
'CJP का बनना बड़ा इत्तेफाक था'
CJP के गठन को लेकर भी अभिजीत दीपके ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संगठन का बनना एक बड़ा इत्तेफाक था और इसके गठन से लाखों लोगों को उम्मीद मिली।
दीपके ने कहा कि CJP का ध्यान युवाओं और उनसे जुड़े मुद्दों पर होना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे लोगों के साथ विवाद में समय और ऊर्जा खर्च करने का कोई अर्थ नहीं है, जिन्होंने पहले ही संगठन को बदनाम करने का फैसला कर लिया है।
SIR के मुद्दे पर CJP का विरोधCJP पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर विरोध जता रहा है। संगठन की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की गई है।
अक्टूबर की शुरुआत में CJP की ओर से मुंबई में प्रदर्शन भी किया गया था। संगठन ने इससे पहले युवाओं से जुड़े बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर अभियान चलाने की बात कही थी।
अगस्त में CJP ने 'क्या बोलती पब्लिक' नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान की जानकारी भी दी थी। ऐसे में SIR को लेकर चल रहे मौजूदा विवाद के बीच अभिजीत दीपके की सोशल मीडिया पोस्ट संगठन की प्राथमिकताओं और उसके आलोचकों को लेकर उनके रुख को सामने रखती है।