रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया नगर निगम का जमादार, एसीबी ने की बड़ी कार्रवाई

जयपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को जयपुर नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हवामहल-आमेर जोन की पट्टा (लीज) शाखा में कार्यरत कार्यालय जमादार रामसिंह यादव को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर नगर तृतीय इकाई की टीम ने सुनियोजित ट्रैप के जरिए अंजाम दी। आरोपी मूल रूप से सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील के किशोरपुरा गांव का रहने वाला बताया गया है।

पट्टा जारी कराने के बदले मांगी थी रिश्वत

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी को एक परिवादी से शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसके पिता के नाम मकान का पट्टा जारी कराने के एवज में नगर निगम की पट्टा शाखा में कार्यरत कार्यालय जमादार रामसिंह यादव दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गोपनीय जांच और सत्यापन कराया।

शिकायत सही मिलने पर बिछाया गया जाल

प्रारंभिक सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की। उप महानिरीक्षक (द्वितीय) जयपुर ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में ट्रैप की योजना बनाई गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में गठित टीम ने उप अधीक्षक सुरेंद्र पंचौली सहित अन्य अधिकारियों के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।

योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी ने परिवादी से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये स्वीकार किए, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। रिश्वत की राशि भी मौके से बरामद कर ली गई।
आरोपी से पूछताछ जारी

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि रिश्वत मांगने और लेने के इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी भी शामिल था या नहीं। साथ ही घटनास्थल पर आवश्यक कानूनी और तकनीकी कार्रवाई जारी है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज होगा मामला

एसीबी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच में रिश्वतखोरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। ब्यूरो का कहना है कि मामले से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत अनुसंधान किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।