जयपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक संगठित गिरोह किराए के नाम पर मकान लेकर उसी पर कब्जा जमा लेता है और बाद में मकान मालिक से ही मोटी रकम की मांग करता है। राजधानी में सक्रिय इस कथित ‘कब्जा गैंग’ का खुलासा मानसरोवर थाना पुलिस ने किया है। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
ऊंचे किराए का लालच, फिर शुरू होता है खेलपुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी कृष्ण कुमार, कोटपूतली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खास तौर पर उन मकानों को निशाना बनाता है जिनका किराया अधिक होता है। शुरुआत में आरोपी मकान मालिक को ऊंचा किराया देने का भरोसा देकर एग्रीमेंट कर लेते हैं और कुछ समय तक नियमित भुगतान भी करते हैं ताकि भरोसा बना रहे।
लेकिन कुछ महीनों बाद यह पूरा खेल बदल जाता है। आरोपी किराया देना बंद कर देते हैं और मकान खाली करने से भी इंकार कर देते हैं। इसके बजाय वे कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेकर मकान मालिक को ही उलझाने लगते हैं, जिससे मामला लंबे समय तक खिंचता रहता है।
सबलेट और फर्जी विवाद के जरिए कब्जा पक्काजांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का सरगना रोहित गुर्जर है, जो अपने साथियों के नाम पर किराए के समझौते करवाता है। मकान हाथ में आते ही आरोपी उसे किसी तीसरे व्यक्ति को सबलेट कर देते हैं और खुद को उस संपत्ति का मालिक बताने लगते हैं।
जब असली मकान मालिक अपने अधिकार के लिए पहुंचता है, तो आरोपी तीसरे पक्ष के साथ मिलकर एक नकली विवाद खड़ा कर देते हैं और अदालत से स्टे ऑर्डर हासिल कर लेते हैं। इसके बाद न तो किराया दिया जाता है और न ही मकान खाली किया जाता है, जिससे मालिक पूरी तरह फंस जाता है।
मकान लौटाने के बदले मांगी मोटी रकमएक पीड़ित महिला ने बताया कि गोपालपुरा बाईपास स्थित उनका मकान मनोज स्वामी नाम के व्यक्ति ने किराए पर लिया था। कुछ समय बाद जब वह अपनी संपत्ति देखने पहुंचीं, तो उन्हें अंदर जाने तक नहीं दिया गया। आरोप है कि मकान को आगे किसी और को दे दिया गया और खुद को ही मालिक बताया जाने लगा।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आरोपियों ने मकान खाली करने के बदले 20 लाख रुपये की मांग कर डाली। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
कई थानों में दर्ज हैं मामले, पुलिस सतर्कपुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जयपुर के शिप्रापथ और महेश नगर सहित विभिन्न थानों में कई मामले पहले से दर्ज हैं। शुरुआती जांच में करीब आधा दर्जन मामलों का खुलासा हुआ है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है।
फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि अगर उनके साथ भी इस तरह की धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।