जयपुर में बड़ा हादसा: झालाना स्थित वन विभाग की निर्माणाधीन इमारत की छत गिरी, मलबे में दबे 11 मजदूर

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के झालाना क्षेत्र में मंगलवार को निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। वन विभाग के फॉरेस्ट्री ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट कॉम्प्लेक्स (Forestry Training Institute Complex) में बन रही नई इमारत की छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय नीचे काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। इस दुर्घटना में कुल 11 मजदूर घायल हुए हैं, जिन्हें समय रहते बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल तत्काल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी 11 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों के अनुसार राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी मजदूर की मौत नहीं हुई। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायलों में दो मजदूर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि शेष मजदूर बिहार से जुड़े बताए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मंडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल नौ मजदूरों को ओपीडी वार्ड में भर्ती कर निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार किसी भी घायल की स्थिति फिलहाल चिंताजनक नहीं है।

इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि निर्माणाधीन छत का स्लैब अचानक कमजोर पड़ने या बैठ जाने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि वास्तविक वजह का खुलासा विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच टीम यह पता लगाएगी कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांच होगी कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा संबंधी सभी नियमों और मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही, घटिया सामग्री के इस्तेमाल या सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना और हादसे के वास्तविक कारणों का जल्द से जल्द पता लगाना है।