जयपुर में नूरानी मस्जिद सहित चार धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर कार्रवाई आज, इंटरनेट बंद और सुरक्षा के कड़े इंतजाम; प्रशासन हाई अलर्ट प

जयपुर में सोमवार सुबह एक बड़े अतिक्रमण हटाने अभियान को लेकर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित नूरानी मस्जिद सहित कुल चार धार्मिक स्थलों पर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई आज सुबह करीब 7 बजे शुरू किए जाने की संभावना है। संभावित कार्रवाई को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन ने व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की है।

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। रविवार से ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की गतिविधियां तेज कर दी गई थीं और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जेडीए ने दो दिन पहले नूरानी मस्जिद को लेकर नोटिस जारी किया था, जिसमें इसे अतिक्रमित भूमि पर अवैध निर्माण बताया गया था। हालांकि मस्जिद कमेटी ने इस नोटिस पर आपत्ति जताई है। कमेटी का कहना है कि उन्हें नोटिस शुक्रवार रात को दिया गया, जिससे उन्हें उचित समय नहीं मिल सका। उनका दावा है कि यह मस्जिद वर्ष 1981 में लगभग 391 वर्ग गज भूमि पर बनाई गई थी और पिछले 44 वर्षों से यहां नियमित रूप से पांचों वक्त नमाज अदा की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत कार्रवाई

जेडीए के अनुसार यह पूरा अभियान सड़क चौड़ीकरण परियोजना का हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए कई अतिक्रमण हटाने जरूरी हैं। इससे पहले कुल 143 नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 134 मकानों को 22 मई को हटाया जा चुका है। उस समय धार्मिक स्थलों को छोड़ दिया गया था, लेकिन अब परियोजना के अगले चरण में नूरानी मस्जिद सहित एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन को भी हटाने की तैयारी है।

मस्जिद कमेटी ने लगाए गंभीर आरोप

मस्जिद कमेटी ने जेडीए की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए हैं। कमेटी का कहना है कि उन्होंने यह जमीन जेडीए द्वारा स्वीकृत एक हाउसिंग सोसाइटी से खरीदी थी और यह पूरी तरह वैध प्रक्रिया के तहत लिया गया प्लॉट है। कमेटी के अनुसार वर्ष 1994 में लीज बढ़ाने के लिए जेडीए में आवेदन भी किया गया था और आवश्यक शुल्क जमा कराया गया था।

कमेटी का यह भी कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की स्थिति में मस्जिद के केवल एक हिस्से को हटाने की सहमति दी जा सकती है, जबकि शेष संरचना को नमाज के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इसके अलावा कमेटी ने दावा किया है कि जेडीए अधिकारियों ने मौखिक रूप से खो नागोरियन क्षेत्र में लगभग 1100 वर्ग गज वैकल्पिक भूमि देने की बात कही थी, लेकिन इस संबंध में कोई लिखित आदेश या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त, सोशल मीडिया पर नजर

संभावित कार्रवाई से पहले रविवार को पुलिस और प्रशासन ने पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और लगातार गश्त जारी है। प्रशासन को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पूरे शहर में धारा 163 लागू, इंटरनेट सेवा बंद


सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे जयपुर शहर में 22 जून तक बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके अलावा 7 जून की रात 12 बजे से 8 जून की रात 12 बजे तक 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की है।

मस्जिद बचाने के लिए दुआ, समुदाय में चिंता


इस बीच नूरानी मस्जिद को बचाने की मांग को लेकर रविवार शाम एमडी रोड स्थित मुस्लिम मुसाफिरखाने में सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए और मस्जिद को सुरक्षित रखने की प्रार्थना की गई। इस मौके पर कांग्रेस के विधायक रफीक खान और अमीन कागजी समेत कई स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप-प्रत्यारोप

विधायकों ने प्रशासन की कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब न्यायालय बंद रहते हैं, जिससे प्रभावित पक्ष को तुरंत कानूनी राहत नहीं मिल सकती। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि मस्जिद के बदले वैकल्पिक जमीन देने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान को किसी अन्य राज्य जैसी स्थिति में नहीं जाने दिया जाएगा।

प्रशासन की अपील और सख्त चेतावनी

प्रशासन ने आम जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने, कानून व्यवस्था बिगाड़ने या उपद्रव करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा कारणों से आधी रात से ही मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल पूरे जयपुर की निगाहें सोमवार सुबह होने वाली इस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। नूरानी मस्जिद सहित चार धार्मिक स्थलों पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर शहर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।