राजस्थान में भारी बारिश से तबाही: जयपुर में सड़क धंसी, कोटा-पाली में स्कूल बंद, 6 मौतें, 8 घंटे बाद पटरी पर लौटी रेल सेवा

सावन के पहले सोमवार को राजस्थान में मानसून का रौद्र रूप सामने आया। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से सड़कें टूट गईं, मकान गिर गए, नदियां उफान पर आ गईं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जयपुर, कोटा, पाली, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़ जैसे जिलों में जल प्रलय जैसी स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

जयपुर में सड़क धंसी, लोगों में मची अफरा-तफरी


राजधानी जयपुर में सोमवार को एक मेट्रो स्टेशन के पास सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। घटना के वक्त वहां से वाहन गुजर रहे थे लेकिन समय रहते आवागमन रोक दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। धंसी हुई सड़क के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और मरम्मत का काम शुरू हो गया है। जयपुर में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है।

पाली में ट्रैक्टर पर दौरे पर निकले अफसर


पाली जिले में हालात इतने बिगड़ गए कि कलेक्टर एलएन मंत्री और एसपी चूनाराम जाट को अपनी गाड़ियां छोड़ ट्रैक्टर से बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा करना पड़ा। मारवाड़-बोमादड़ा के बीच रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण रेल यातायात ठप हो गया। कई ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया और कुछ को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया गया। दोपहर 12.40 बजे शुरू हुई मरम्मत के बाद रात 9.05 बजे ट्रैक का सुरक्षित ट्रायल कर सभी ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया गया।

6 लोगों की मौत, कई हादसों की मार

राजस्थान में बीते 24 घंटों में भारी बारिश से जुड़े हादसों में कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है। प्रतापगढ़ में जर्जर औषधालय की छत गिरने से तीन किशोरों की मौत हो गई। चूरू में दो लड़के पानी भरे गड्ढे में डूब गए, जबकि राजसमंद में दो मंजिला मकान ढहने से एक व्यक्ति की जान चली गई। इसके अलावा चित्तौड़गढ़, भरतपुर, पाली और कोटा जिलों में डूबने, करंट और मकान गिरने की घटनाओं में सात अन्य लोगों की मौत की भी खबर है।
कोटा में चंबल नदी उफान पर, 6 युवक बहे

कोटा जिले के नीमोदा हरिजी गांव में चंबल नदी में 6 युवक बह गए, जो मंदिर पर पिकनिक मनाने और मछली पकड़ने गए थे। कोटा बैराज के 13 गेट खोलने से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। इन युवकों में से एक को एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर लिया, बाकी की तलाश जारी है। कोटा में एक छात्रा स्कूटी सहित नाले में बह गई और उसकी मौत हो गई।

स्कूलों में अवकाश घोषित, प्रशासन ने की सतर्कता की अपील

कोटा और पाली जिलों में भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। हालांकि स्कूल स्टाफ को उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और बच्चों को सुरक्षित रखने की अपील की है।

कहां कितनी बारिश हुई

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। बिजौलिया (भीलवाड़ा) में सबसे ज्यादा 9 इंच, खातोली (कोटा) और पाली में 8-8 इंच, चित्तौड़गढ़ के भैंसरोडगढ़ में 7 इंच, डूंगरपुर के आंबा और दूनी (टोंक) में 6-6 इंच बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने जारी किया रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार अगले 48 घंटे राजस्थान के लिए संवेदनशील हो सकते हैं। अजमेर, नागौर और पाली जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 10 जिलों में ऑरेंज और 20 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 17 जुलाई से पूर्वी और 18 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में बारिश में थोड़ी कमी आने का अनुमान है।

कम दबाव का क्षेत्र बना, अब पश्चिमी राजस्थान में बढ़ेगा असर


मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब पूर्वोत्तर राजस्थान में सक्रिय हो गया है। इससे कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग में बीते 24 घंटों में मूसलाधार बारिश हुई है। इस सिस्टम के कारण अगले दो से तीन दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान में मानसून इस समय पूरे उफान पर है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार अलर्ट मोड में हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी जोखिम से बचें, जलभराव या कमजोर निर्माणों के आसपास न जाएं और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।