दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे एक बार फिर भीषण सड़क हादसे के कारण सुर्खियों में आ गया है। पिछले दो वर्षों में इस एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इसी गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार, 8 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने पहुंचे। लेकिन उनके दौरे से ठीक पहले कोटा के पास एक और दर्दनाक दुर्घटना हो गई। उज्जैन से दिल्ली लौट रही एक टूरिस्ट बस को पीछे से आए एक ट्रोले ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।
महाकाल के दर्शन कर लौट रहा था पूरा दलयह दुर्घटना बुधवार तड़के करीब 3:50 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जालिमपुरा इंटरचेंज के पास हुई। सूचना मिलते ही सुल्तानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
थानाधिकारी दौलत कुमार साहू के अनुसार, टूरिस्ट बस उज्जैन से दिल्ली की ओर जा रही थी। बस में सवार सभी लोग महाकाल मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे। बताया गया कि बस कुछ समय के लिए जालिमपुरा इंटरचेंज के पास रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रोले ने बस के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
30 यात्रियों में मची अफरा-तफरी, एक की इलाज के दौरान मौतहादसे के समय बस में करीब 30 यात्री सवार थे। टक्कर के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल बाहर निकालकर सुल्तानपुर अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद पांच गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर किया गया। इनमें से एक यात्री ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय चरण सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी थे।
दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी और परिजन थे बस में सवारपुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त टूरिस्ट बस में दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी और उनके परिवार के कुल 30 सदस्य यात्रा कर रहे थे। सभी लोग धार्मिक यात्रा के तहत उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के दर्शन कर वापस दिल्ली लौट रहे थे। हादसे के बाद ट्रोला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रोले को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।
दो वर्षों में 61 लोगों की जा चुकी है जानदिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान की सीमा में पिछले वर्ष इस एक्सप्रेसवे पर 33 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 35 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, इस वर्ष जून तक 24 हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। इस तरह पिछले दो वर्षों में एक्सप्रेसवे पर हुई दुर्घटनाओं में कुल 61 लोगों की जान जा चुकी है।
गौरतलब है कि इसी महीने 1 जुलाई को भी इस एक्सप्रेसवे पर एक भीषण हादसा हुआ था। हरिद्वार से इंदौर जा रही एक बस की ट्रक से टक्कर हो गई थी, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 अन्य घायल हुए थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसों ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।