चूरू में हनीट्रैप नेटवर्क का खुलासा, मुख्य महिला आरोपी गिरफ्तार, एक सहयोगी भी पुलिस की हिरासत में

चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र में हनीट्रैप से जुड़े एक गंभीर मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह की मुख्य महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके एक अन्य सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने से जुड़ा हुआ है।

बीदासर थाना प्रभारी दिलीप सिंह के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक महिला ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाकर शारीरिक संबंध बनाए और उसके बाद उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पीड़ित का कहना है कि महिला लगातार उसे धमकाकर मामले को दबाने के एवज में 3 लाख रुपये की मांग कर रही थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 25 मई को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तार की गई महिला की पहचान बीकानेर निवासी 31 वर्षीय जया धोबी, पत्नी नवीन के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस बीच, इस पूरे मामले में सहयोग करने वाले दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
पकड़े गए सहयोगी की पहचान बीदासर निवासी 50 वर्षीय सत्यनारायण, पुत्र पेमाराम प्रजापत के रूप में हुई है। पुलिस को आशंका है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि वर्ष 2025 में भी इसी महिला जया और उसके सहयोगी सत्यनारायण के खिलाफ बीदासर थाने में एक मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिसके बाद अब एक बार फिर इनके खिलाफ हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा अब तक कितने लोगों को इसका शिकार बनाया गया है।