राजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने दावा किया कि इस बार जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने का मन बना चुकी है और चुनाव परिणाम भाजपा के लिए सबक साबित होंगे। उन्होंने पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक आम लोगों के सामने गंभीर परिस्थितियां बनी हुई हैं।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि लोगों को सरकार से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके मुताबिक मौजूदा सरकार उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार के कामकाज को समझ चुकी है और कांग्रेस के पक्ष में अपना जनादेश दे सकती है।
मुख्यमंत्री की रैली पर भी गहलोत का निशानाअशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से निकाली जा रही रैलियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार को रैलियों के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए था। गहलोत के मुताबिक, अगर सरकार ने अपेक्षित काम किया होता और उसके परिणाम सामने आते, तो रैलियों की जरूरत नहीं पड़ती।
गहलोत के इन बयानों में निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर दिखाई देती है। हालांकि, चुनाव का अंतिम फैसला मतदाताओं के मतदान और परिणाम पर निर्भर करेगा।
अलवर की सड़क को लेकर सरकार पर आरोपपूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अलग पोस्ट के जरिए भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने अलवर में पांडुपोल और भर्तृहरि मेले से जुड़े मार्ग की स्थिति का मुद्दा उठाया।
गहलोत ने दावा किया कि नटनी का बारा मार्ग की करीब 14.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर जगह-जगह डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे हैं। उन्होंने कहा कि पांडुपोल और भर्तृहरि मेले में 14 से 19 सितंबर के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
उनके मुताबिक, सड़क से जुड़ी 88.14 करोड़ रुपये की परियोजना करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुई थी और इसे मई 2026 तक पूरा किया जाना था। गहलोत ने दावा किया कि अब तक केवल 25 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि छह पुल अधूरे हैं और दो मार्गों पर काम अभी शुरू नहीं हुआ है।
गहलोत ने सरकार से मेले से पहले सड़क का काम तेज गति से पूरा कराने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने भाजपा पर हिंदू आस्था को राजनीति और वोट बैंक से जोड़ने का आरोप भी लगाया।
पहले चरण में 162 शहरी निकायों में मतदानराजस्थान में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान बुधवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ। इस चरण में 39 जिलों में स्थित 162 शहरी स्थानीय निकाय शामिल हैं।
इनमें 131 नगरपालिकाएं, 27 नगर परिषदें और चार नगर निगम शामिल हैं। चार नगर निगमों में भरतपुर, अलवर, बीकानेर और भीलवाड़ा शामिल हैं।
पहले चरण के मतदान में कुल 20,623 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला मतदाताओं ने अपने मताधिकार के जरिए किया। इसी चुनावी माहौल के बीच अशोक गहलोत का कांग्रेस के पक्ष में जनादेश मिलने का दावा और भाजपा सरकार पर उनका हमला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बयान के तौर पर सामने आया है।