कांग्रेस की 150 सीटों की मांग पर शिवपाल का सीधा वार, बोले- पार्टी के पास न उम्मीदवार हैं न जनाधार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान बढ़ती दिखाई दे रही है। कांग्रेस की ओर से 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की बात सामने आने के बाद अब सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने इस मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस को 50 सीटों से ज्यादा देने पर भी सवाल उठाया और कहा कि पार्टी के पिछले चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए इतनी सीटें भी काफी हैं।

प्रतापगढ़ से सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने दावा किया कि कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए न तो पर्याप्त राजनीतिक आधार है और न ही उतने मजबूत उम्मीदवार हैं। उनके मुताबिक कांग्रेस के 2022 और 2024 के प्रदर्शन को देखते हुए पार्टी की सीटों की हिस्सेदारी 30-35 सीटों के आसपास बनती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गठबंधन के लिहाज से उदार रुख अपनाते हैं, तो कांग्रेस को अधिकतम 50 सीटें दी जा सकती हैं।

राहुल गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने पर भी टिप्पणी

एसपी सिंह पटेल ने राहुल गांधी के 2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर भी दावा किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव लड़ने को लेकर आश्वस्त नहीं थे और रायबरेली से भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे।

सपा सांसद के मुताबिक, अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए समझाया था। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने इसे गांधी परिवार की परंपरागत सीट बताते हुए राहुल गांधी से वहां से चुनाव लड़ने को कहा। पटेल के अनुसार, जब काफी समय तक इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी चुनाव नहीं लड़ते हैं तो सपा अपना उम्मीदवार उतारेगी।

इसके बाद राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुए। सपा सांसद ने दावा किया कि चुनाव में सपा ने पूरी ताकत लगाकर अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से राहुल गांधी को जिताने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने संगठन और जनाधार को लेकर सपा पर निर्भर है।
कांग्रेस की 150 से ज्यादा सीटों की मांग पर सवाल

सीट बंटवारे का विवाद उस समय और चर्चा में आया जब उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर फैसला अक्टूबर में होने की उम्मीद है।

कांग्रेस की इस मांग पर सपा सांसद ने कहा कि 150 सीटों की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने इसे गठबंधन की भावना के खिलाफ बताया और कहा कि कुछ छोटे नेता इस तरह की मांग कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस के लिए 50 सीटें भी पर्याप्त होंगी।

अखिलेश यादव बोले- बात सीट की नहीं, जीत की है

इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सीट बंटवारे को लेकर अपनी स्थिति सोशल मीडिया पर स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में कितनी सीटें किस दल के पास जाएंगी, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि गठबंधन चुनाव में जीत हासिल करे।

अखिलेश यादव ने अपने संदेश में कहा कि गठबंधन का लक्ष्य सीटों की संख्या को लेकर उलझने के बजाय जीत सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के सभी दलों की संयुक्त कोशिश की जीत महत्वपूर्ण है।

सपा और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर यह खींचतान ऐसे समय सामने आई है, जब दोनों दल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। एक तरफ कांग्रेस ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी रख रही है, वहीं सपा की ओर से सीटों के बंटवारे में पार्टी के संगठन और चुनावी क्षमता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया जा रहा है। फिलहाल दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर अंतिम सहमति सामने नहीं आई है।