हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर अशोक गहलोत का बीजेपी पर हमला, बोले- देश में बढ़ रहा आक्रोश

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा कि खरगे के साथ अगर इस तरह की घटना हो सकती है तो इससे देश में दलित वर्ग के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठते हैं।

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में गहलोत ने इसे देश के संदर्भ में गंभीर घटना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के शासन में अन्याय, उत्पीड़न और अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उनके मुताबिक, खरगे के साथ हुई कथित घटना से दलित, पिछड़े, आदिवासी और गरीब वर्ग के लोगों में पीड़ा और आक्रोश है।

नड्डा के आश्वासन का गहलोत ने किया जिक्र


गहलोत ने राज्यसभा में बीजेपी नेता जेपी नड्डा की ओर से दिए गए आश्वासन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नड्डा ने सदन में इस मामले को गंभीरता से लेने और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, उस आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि मामले में कार्रवाई होगी, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा नहीं हुआ। गहलोत ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने को लेकर आम लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है।

उन्होंने दावा किया कि बीजेपी या NDA सरकार इस आक्रोश को समझ नहीं पा रही है। गहलोत ने कहा कि समय आने पर जनता इसका जवाब देगी।

राजस्थान सरकार पर भी टिप्पणी


अशोक गहलोत ने राजस्थान की मौजूदा सरकार को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान सरकार के प्रदर्शन से दिल्ली में पार्टी का हाई कमान खुश नहीं है और राज्य की जनता भी सरकार से खुश नहीं है।
सोनिया गांधी की किताब पर क्या बोले गहलोत?

बातचीत के दौरान गहलोत ने सोनिया गांधी की किताब के प्रकाशन से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने प्रकाशक पेंग्विन पर किताब प्रकाशित करने को लेकर आनाकानी और बहानेबाजी का आरोप लगाया।

गहलोत ने दावा किया कि उन्हें आशंका थी कि प्रकाशन कंपनी पर सरकार की ओर से दबाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में पेंग्विन की मूल संस्था इस किताब को प्रकाशित करने के लिए तैयार है, ऐसे में भारत में इसके प्रकाशन को लेकर सवाल उठता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय और सरकार पर इस मामले को लेकर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। गहलोत ने सोनिया गांधी के लंबे राजनीतिक करियर का जिक्र करते हुए कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकी हैं।

10 नवंबर को लॉन्च होने का दावा

गहलोत ने कहा कि जब से उन्हें पेंग्विन की ओर से किताब प्रकाशित करने से इनकार की जानकारी मिली है, तब से कई बड़े प्रकाशकों ने इसे प्रकाशित करने में रुचि दिखाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि कोई प्रकाशक इस किताब को जरूर प्रकाशित करेगा।

गहलोत के मुताबिक, किताब का लॉन्च 10 नवंबर को ही होगा।

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