कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के पुणे में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी परिसर में विवाद की स्थिति बन गई। शुक्रवार को कॉलेज के हॉस्टल कैंपस में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) से जुड़े सदस्यों के बीच झड़प की जानकारी सामने आई। घटना के बाद कांग्रेस की ओर से छात्रों के साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया गया और परिसर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं।
मामले की सूचना मिलने के बाद महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार मौके पर पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस नेता सतेज पाटील और विश्वजीत कदम भी कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
दो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारीपीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, झड़प के दौरान कांग्रेस से जुड़े दो कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों को इलाज के लिए पुणे के संचेती अस्पताल ले जाया गया। बाद में कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली।
हालांकि, घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसलिए विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और झड़प में वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसे लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शनघटना के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने COEP परिसर में विरोध जताया। विजय वडेट्टीवार, सतेज पाटील और विश्वजीत कदम के धरने पर बैठने के बाद कॉलेज परिसर में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गईं।
तनाव को देखते हुए पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और झड़प की परिस्थितियों के साथ-साथ इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले बढ़ी चिंताराहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में होना है। कार्यक्रम से पहले ही पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और आयोजन को लेकर कुछ शर्तें तय की गई हैं। ऐसे में कार्यक्रम से एक दिन पहले विश्वविद्यालय परिसर में हुई झड़प ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
पुलिस की जांच के साथ दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस मुद्दे से हुई और मारपीट की घटना में किन लोगों की भूमिका थी। फिलहाल मामले को लेकर जांच जारी है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।