उमस ने बढ़ाई मुंबई वालों की परेशानी, रात को ठंडी हवा की तलाश में समुद्र किनारे सोने पहुंच रहे लोग

जून का दूसरा पखवाड़ा शुरू हो चुका है, लेकिन मुंबई में गर्मी और उमस का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा। तापमान भले ही 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन नमी ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। दिन के समय तेज उमस लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं रात में भी राहत नहीं मिल रही। हालात ऐसे हैं कि लोगों की नींद तक प्रभावित हो रही है और वे घरों से बाहर ठंडी जगहों की तलाश करने को मजबूर हैं।

सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को झेलनी पड़ रही है जो झुग्गी-बस्तियों या खुले स्थानों पर रहते हैं। दिनभर की तपिश और चिपचिपी गर्मी के बाद रात में भी उन्हें आराम नहीं मिल पा रहा। ऐसे में अब मुंबईवासियों की निगाहें मानसून पर टिकी हैं, जिससे उन्हें इस गर्मी और उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश के इंतजार के बीच लोगों ने गर्मी से बचने का एक अलग ही उपाय खोज लिया है।

ठंडी हवा के लिए वर्सोवा बीच का रुख कर रहे लोग

गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग हर शाम समुद्र तट की ओर पहुंचने लगे हैं। तकिया, चादर और जरूरी सामान लेकर लोग वर्सोवा बीच पर रात बिताने पहुंच रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में बड़ी संख्या में लोग समुद्र किनारे रेत पर सोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों ने अपनी चादरें बिछाकर आराम करने की व्यवस्था की है, जबकि कई लोग सीधे रेत पर लेटे हुए नजर आ रहे हैं। समुद्र से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण बीच का वातावरण अपेक्षाकृत आरामदायक महसूस होता है। यही वजह है कि गर्मी से परेशान लोग रात बिताने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। समुद्र किनारे सोने वालों में अधिकांश संख्या पुरुषों की दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों ने बताई वजह

झुग्गी बस्ती में रहने वाले एक युवक ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण वे और उनके आसपास रहने वाले लोग रात में बीच पर आकर सोते हैं। युवक ने कहा कि समुद्र के पास लगातार ठंडी हवा चलती रहती है, जिससे गर्मी का असर काफी कम महसूस होता है।

उसने बताया कि गर्मियों के दिनों में यह आम बात हो गई है और कई लोग रात में समुद्र किनारे सोने पहुंच जाते हैं। हालांकि जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होता है, लोग यहां आना बंद कर देते हैं क्योंकि उस समय बीच पर रुकना संभव नहीं होता। युवक जब यह जानकारी दे रहा था, उस दौरान समुद्र की ओर से तेज हवाएं चल रही थीं, जिनकी आवाज भी रिकॉर्डिंग में साफ सुनाई दे रही थी।

गर्म रातों से राहत का अनोखा तरीका

मुंबई में समुद्र तट हमेशा से ठंडी हवाओं के लिए जाने जाते हैं। इसी प्राकृतिक वातावरण का लाभ उठाने के लिए अब कई लोग खुले आसमान के नीचे समुद्र किनारे रात गुजार रहे हैं। खासकर वे लोग, जिनके घरों में पर्याप्त वेंटिलेशन या ठंडक की व्यवस्था नहीं है, समुद्र तट को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों और झुग्गियों के अंदर उमस इतनी अधिक होती है कि वहां सोना मुश्किल हो जाता है। इसके मुकाबले समुद्र किनारे बहने वाली हवाएं उन्हें कुछ घंटों की सुकूनभरी नींद दे देती हैं। यही कारण है कि हर रात बड़ी संख्या में लोग बीच पर नजर आने लगे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गर्म और उमस भरे वातावरण में रहना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। यदि रात के समय शरीर को पर्याप्त ठंडक नहीं मिलती, तो हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे अधिक जोखिम उन लोगों को होता है जो दिनभर खुले में काम करते हैं। इसके अलावा बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग भी गर्मी के दुष्प्रभावों की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। ऐसे में पर्याप्त पानी पीना, छायादार स्थानों पर रहना और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

फिलहाल मुंबई के लोग मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उमस और गर्मी से राहत मिल सके। तब तक समुद्र किनारे की ठंडी हवाएं ही कई लोगों के लिए सुकूनभरी रातों का सहारा बनी हुई हैं।