मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बैंकॉक से आई 28 वर्षीय मॉडल हर्षा सनी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वह हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी में शामिल थी। हर्षा सनी वर्ष 2025 में आयोजित ‘मिसेज केरल ब्यूटी’ प्रतियोगिता में प्रतिभागी रह चुकी हैं, जिसके चलते यह मामला और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया है।
कस्टम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 10 और 11 जून की मध्यरात्रि के आसपास हर्षा सनी एयर इंडिया की फ्लाइट TG-351 से मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची थीं। सामान्य जांच के दौरान उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने उनके सामान की गहन तलाशी ली। जांच में उनके ट्रॉली बैग से 12 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए, जिनमें नशीला पदार्थ पाया गया। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत 11 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
गांजा मिलने के बाद हुई गिरफ्तारीबरामद पैकेट खोलने पर उसमें हरे रंग का सूखा और संदिग्ध पदार्थ पाया गया। जब एनडीपीएस (NDPS) परीक्षण किट से जांच की गई, तो यह पदार्थ कैनबिस की सूखी फूलों और कलियों के रूप में सामने आया, जिसे हाइड्रोपोनिक वीड माना गया। इसके बाद कस्टम विभाग ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए हर्षा सनी को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां किला कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। फिलहाल मामले की आगे की जांच कस्टम और नारकोटिक्स विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा?गांजा एक प्रतिबंधित नशीला पदार्थ है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हाइड्रोपोनिक गांजे का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है। दक्षिण-पूर्व एशिया, खासकर बैंकॉक, इस हाई-ग्रेड कैनबिस का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जहां से इसकी तस्करी कई देशों में की जाती है, जिसमें भारत भी शामिल है।
हाइड्रोपोनिक गांजा पारंपरिक तरीके से मिट्टी में नहीं उगाया जाता, बल्कि इसे एक नियंत्रित वातावरण में बंद कमरों के भीतर विशेष तकनीक के जरिए तैयार किया जाता है। इस तकनीक में पौधों को पोषक तत्व सीधे पानी और अन्य घोल के माध्यम से दिए जाते हैं, जिससे इसकी गुणवत्ता और प्रभाव क्षमता काफी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें पाए जाने वाले टीएचसी (Tetrahydrocannabinol) की मात्रा सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होती है। जहां साधारण गांजे में टीएचसी लगभग 3–4 प्रतिशत होता है, वहीं हाइड्रोपोनिक गांजे में यह 30–40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसी कारण इसे ‘प्रीमियम कैटेगरी’ का नशा माना जाता है।
इसके तेज प्रभाव और मानसिक असर के कारण इसे कुछ जगहों पर “गरीबों की कोकीन” भी कहा जाता है। इसके सेवन से तीव्र हेल्यूसिनोजेनिक प्रभाव देखने को मिलते हैं, जिससे यह और अधिक खतरनाक बन जाता है। एयरपोर्ट्स पर इस तरह की तस्करी के कई मामलों को पहले भी पकड़ा जा चुका है, और अब इस मामले में मॉडल हर्षा सनी की गिरफ्तारी ने एक बार फिर इस अवैध नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।