पुरानी गाड़ियों पर सरकार का कड़ा फैसला, ग्रीन टैक्स दोगुना, वाहन मालिकों की बढ़ेगी टेंशन

देश के कई बड़े शहरों में प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने वाहन मालिकों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। 2026-27 के बजट में सरकार ने पुरानी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स दोगुना करने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का प्रभाव सीधे लाखों वाहन मालिकों पर पड़ सकता है, विशेषकर उन लोगों पर जिनके पास कई साल पुरानी गाड़ियां हैं। सरकार का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रदूषण को कम करना और नागरिकों को नई तकनीक वाली गाड़ियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पुरानी गाड़ियों पर टैक्स का बढ़ा बोझ


बजट में प्रस्तावित किया गया है कि BS-4 या उससे पुराने एमिशन नॉर्म वाले निजी वाहनों पर ग्रीन टैक्स दोगुना कर दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस तरह की गाड़ियां ज्यादा धुआं छोड़ती हैं और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। इसी कारण से अब इन वाहनों के इस्तेमाल को धीरे-धीरे कम करने की योजना बनाई जा रही है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो जिन लोगों के पास पुरानी कार या बाइक है, उन्हें पहले से कहीं अधिक टैक्स देना होगा। इसका सीधा असर उनकी गाड़ी चलाने की कुल लागत पर पड़ेगा।
पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर राहत

सरकार ने सख्ती के साथ-साथ वाहन मालिकों को राहत देने का भी प्रयास किया है। बजट में यह प्रस्ताव रखा गया है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कर नई गाड़ी खरीदता है, तो उसे मोटर व्हीकल टैक्स में विशेष छूट मिलेगी। सरकार के अनुसार, BS-4 या उससे ऊपर की गाड़ी को स्क्रैप करने पर नई गाड़ी खरीदते समय करीब 16% तक टैक्स में छूट मिल सकती है। वहीं, BS-3 या उससे पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर यह छूट लगभग 30% तक हो सकती है।

प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम

सरकार का कहना है कि शहरों में हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है और इसमें पुरानी गाड़ियों का बड़ा योगदान है। नई तकनीक वाली गाड़ियां कम धुआं छोड़ती हैं और ईंधन की खपत भी कम करती हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि लोग धीरे-धीरे पुरानी गाड़ियों को हटाकर पर्यावरण के अनुकूल नई गाड़ियां अपनाएं।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी लाभ


विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर ऑटोमोबाइल उद्योग पर भी दिखाई देगा। जब लोग पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करके नई गाड़ियां खरीदेंगे, तो वाहन बिक्री में वृद्धि होगी। इससे ऑटो इंडस्ट्री को नई गति मिलेगी और बाजार में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।