महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 180 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में मुख्य आरोपी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार, 15 अप्रैल को जिला प्रशासन ने परतवाड़ा स्थित मोहम्मद अयाज उर्फ अयान मोहम्मद तनवीर के घर पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से नाबालिगों को ब्लैकमेल कर उनका शोषण कर रहा था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद किए गए हैं। आरोपी के राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज है, बताया जा रहा है कि वह AIMIM से जुड़ा रहा है।
शिकायत के बाद खुला बड़ा रैकेटइस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के मुताबिक, मोहम्मद अयाज उर्फ अयान नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर मुंबई और पुणे ले जाता था, जहां उनके साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे।
बताया गया कि इन वीडियो के जरिए लड़कियों को डराया-धमकाया जाता था और उन्हें ब्लैकमेल कर गलत गतिविधियों में धकेलने की कोशिश की जाती थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस सुरक्षा में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाईबुधवार को जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ परतवाड़ा पहुंची। यहां आरोपी के घर को अवैध निर्माण मानते हुए बुलडोजर से गिरा दिया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
राजनीतिक कनेक्शन भी आए सामनेमामले के सामने आने के बाद आरोपी से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इनमें वह AIMIM से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद अयाज पार्टी का पदाधिकारी रह चुका है। कुछ वीडियो में वह शहर अध्यक्ष हाजी इरफान खान से नियुक्ति पत्र लेते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ क्लिप्स में वह असदुद्दीन ओवैसी की सभाओं के मंच पर भी नजर आता है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उसके सोशल मीडिया अकाउंट से कई पोस्ट हटा दिए गए हैं।
अदालत ने 21 अप्रैल तक भेजा पुलिस रिमांड परगिरफ्तारी के बाद आरोपी को अचलपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। यह मामला क्षेत्र में सनसनी का विषय बना हुआ है और प्रशासन आगे भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दे रहा है।