केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के उन विद्यार्थियों को राहत दी है जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं और प्राप्त अंकों की दोबारा जांच करवाना चाहते हैं। बोर्ड ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय कर दिया है। यह सुविधा फिलहाल उन छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई है जिन्होंने अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी पहले ही प्राप्त कर ली है।
CBSE ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब चालू हो चुका है। बोर्ड ने विद्यार्थियों को आवेदन प्रक्रिया समझाने के लिए विस्तृत वीडियो निर्देश भी जारी किए हैं। पोस्ट में छात्रों से कहा गया है कि आवेदन करने से पहले उपलब्ध कराए गए स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों को ध्यानपूर्वक देखें, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
छात्र अब CBSE के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड के अनुसार, अंक सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन विंडो 6 जून तक खुली रहेगी। गौरतलब है कि यह पोर्टल सोमवार को शुरू होना था, लेकिन तकनीकी कारणों से वेबसाइट पर मेंटेनेंस संदेश दिखाई दे रहा था। इससे पहले री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया 29 मई से शुरू किए जाने की योजना थी, मगर कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते इसे समय पर लॉन्च नहीं किया जा सका।
आवेदन करने वाले छात्रों को कितनी फीस देनी होगी?जो उम्मीदवार इस प्रक्रिया के लिए पात्र हैं, वे पोर्टल पर लॉग-इन करके उन प्रश्नों का चयन कर सकते हैं जिनकी दोबारा जांच या पुनर्मूल्यांकन कराना चाहते हैं। इसके बाद निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर आवेदन पूरा किया जा सकता है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की है।
इस वर्ष CBSE ने परिणाम समीक्षा प्रक्रिया के लिए संशोधित शुल्क संरचना लागू की है। इसके तहत विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं।
मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए: 100 रुपये प्रति विषय
अंकों के वेरिफिकेशन के लिए: 100 रुपये प्रति विषय
री-इवैल्यूएशन के लिए: 25 रुपये प्रति प्रश्न
अंकों में सुधार होने पर मिलेगा शुल्क वापसइस बार बोर्ड ने एक नई रिफंड व्यवस्था भी लागू की है, जिसे छात्रों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यदि री-इवैल्यूएशन के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ जाते हैं, तो जिन प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के कारण अंक बढ़े हैं, उन प्रश्नों के लिए जमा की गई री-इवैल्यूएशन फीस वापस कर दी जाएगी।
यह कदम उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक माना जा रहा है जिन्हें लगता है कि उनके उत्तरों का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया गया था और उन्हें अपेक्षा से कम अंक मिले हैं।
री-इवैल्यूएशन के बाद जारी परिणाम ही माना जाएगा अंतिमCBSE ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्र के अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या फिर पहले जैसे ही बने रह सकते हैं। समीक्षा के दौरान जो भी बदलाव किए जाएंगे, उन्हें बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड में अपडेट किया जाएगा और वही संशोधित परिणाम अंतिम माना जाएगा।
बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के बाद जारी किया गया परिणाम अंतिम और बाध्यकारी होगा। इसके बाद छात्रों को उसी परिणाम को स्वीकार करना होगा तथा इस संबंध में आगे किसी अतिरिक्त समीक्षा की अनुमति नहीं दी जाएगी।