ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में मंगलवार, 16 जून को पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश किया गया। इस सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत से अनुरोध किया कि दोनों आरोपियों—समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह—की न्यायिक हिरासत को 30 जून तक बढ़ाया जाए। वहीं दूसरी ओर, गिरिबाला सिंह ने अदालत में एक अर्जी दाखिल करते हुए मांग की कि जेल में वकील से मिलने के समय पर किसी तरह की पाबंदी न लगाई जाए और उन्हें कानूनी सलाह लेने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए दोनों आरोपीपूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को इस सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और वर्चुअल माध्यम से ही कार्यवाही में शामिल हुए। इस दौरान उनके वकील जॉर्ज कार्लो ने कोर्ट में एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि मामले की मीडिया कवरेज को सीमित किया जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि ट्विशा के परिजनों के वकीलों को भी मीडिया में बयान देने से रोका जाए, ताकि मामले की निष्पक्षता बनी रहे।
CBI ने 30 जून तक न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग कीसुनवाई के दौरान CBI की ओर से अदालत को जानकारी दी गई कि इस मामले की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक जांच एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है। इसी आधार पर एजेंसी ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 30 जून तक बढ़ाने का अनुरोध किया। CBI का कहना है कि जांच अभी शुरुआती और महत्वपूर्ण चरण में है, इसलिए हिरासत बढ़ाना जरूरी है।
इस दौरान ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा और भाई मेजर हर्षित शर्मा भी कोर्ट में मौजूद रहे और पूरी कार्यवाही पर नजर बनाए रखी। फिलहाल दोनों पक्षों के वकील अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?गौरतलब है कि 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच के बाद ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मृतका के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है।
फिलहाल इस केस में समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह आरोपी हैं और दोनों इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है ताकि मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके।