मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। विरोध इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए और ग्वालियर-झांसी हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण करीब आठ किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और दोनों दिशाओं में यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
उधर, भाजपा नेतृत्व के फैसले से असंतुष्ट जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत जिले की पूरी कार्यकारिणी ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। मतदान से पहले संगठन के भीतर इस तरह की नाराजगी को पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर पार्टी के सामने अब कार्यकर्ताओं की नाराजगी को शांत करने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बढ़ा विरोधदरअसल, भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। उम्मीदवार के नाम की घोषणा होते ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई स्थानों पर प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में समर्थक ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी।
हाईवे पर कुछ ही समय में लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन का असर शहर के बाजारों में भी देखने को मिला। कई व्यापारियों ने भाजपा के फैसले के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं और नाराजगी जाहिर की।
प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूतस्थिति को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रदर्शन कर रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व का फैसला पूरी तरह एकतरफा है। उनका आरोप है कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनदेखी की गई है और इस फैसले से समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान आहत हुआ है।
30 जुलाई को होगा मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजेदतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता पहले से लागू है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। भाजपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, जबकि कांग्रेस ने अभी तक अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिन्हें भाजपा ने बनाया उम्मीदवार?आशुतोष तिवारी दतिया जिले के निवासी हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) तथा भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। छात्र जीवन से ही उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में पार्टी के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। वर्तमान में वे भाजपा के प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा वे मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन का पद भी संभाल चुके हैं। संगठन में लंबे अनुभव और सक्रिय भूमिका को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने इस उपचुनाव में उन पर भरोसा जताया है, हालांकि उनके नाम की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर विरोध भी खुलकर सामने आ गया है।