मरीज को छोड़कर लौट रही एंबुलेंस पेड़ से टकराई, पलटी और बनी आग का गोला; चालक की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र से सोमवार 19 मई की सुबह एक अत्यंत भयावह सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है, जहां एक निजी एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई, पलट गई और अचानक उसमें भीषण आग भड़क उठी। इस दर्दनाक हादसे में एंबुलेंस चालक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 4 बजे कनई-खर्रा मार्ग पर ग्राम कनई के पास हुई। बताया जा रहा है कि नागपुर की एक निजी एंबुलेंस मरीज को उसके गंतव्य तक पहुंचाने के बाद वापस लौट रही थी। जैसे ही वाहन खाली होकर लौट रहा था, उसी दौरान अचानक एंबुलेंस पर नियंत्रण खो गया और वह तेज रफ्तार में सड़क किनारे स्थित एक पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन तुरंत पलट गया और कुछ ही पलों में उसमें आग लग गई।

आग इतनी तेजी से फैली कि एंबुलेंस पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गई और चालक को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। देखते ही देखते वाहन आग का गोला बन गया और चालक वहीं फंसकर जिंदा जल गया। इस हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि आसपास के लोग भी कुछ नहीं कर पाए।

मृतक चालक की पहचान 56 वर्षीय माइकल अन्ना के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के नागपुर शहर के अजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत कौसल्या नगर, गली नंबर-16 का रहने वाला था। इस दर्दनाक घटना से उसके परिवार में भी कोहराम मच गया है।

बताया जाता है कि यह एंबुलेंस रात करीब 2 बजे नागपुर से मरीज शिव प्रसाद को लेकर मध्य प्रदेश के चांदना गांव पहुंची थी। मरीज को उसके घर छोड़ने के बाद चालक ने लगभग दो घंटे तक विश्राम किया और फिर सुबह करीब 4 बजे वापसी के लिए निकल पड़ा। लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद ग्राम कनई और खर्रा के बीच यह भीषण दुर्घटना घटित हो गई।
indiatv के अनुसार, वाहन की गति अधिक होने और नियंत्रण बिगड़ने के कारण एंबुलेंस सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई और पलटते ही उसमें आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरी एंबुलेंस कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गई। इस दौरान चालक माइकल अन्ना वहीं फंस गया और बाहर नहीं निकल सका।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पास के इलाके में तेंदूपत्ता तोड़ने गए मजदूरों ने सबसे पहले धुआं और आग देखी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस और ग्रामीणों को सूचना दी। इसके साथ ही फोन के माध्यम से चालक के परिवार, विशेषकर उसकी पत्नी रिजिना को भी घटना की जानकारी दी गई, जिससे घर में मातम छा गया।

सूचना मिलते ही परसवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।