नई दिल्ली। सोशल मीडिया और खासतौर पर व्हाट्सएप पर तेजी से फैल रहे एक मैसेज ने देशभर के लोगों में भ्रम पैदा कर दिया है। इस वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सितंबर 2025 से ₹500 के नोटों को ATM से जारी करना बंद करने जा रहा है। कुछ लोग इस अफवाह को 2016 की नोटबंदी से जोड़कर देख रहे हैं, जब 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था।
हालांकि, यह दावा पूरी तरह भ्रामक है और सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
PIB फैक्ट चेक ने बताया भ्रामकसरकारी सूचना प्रसारण विभाग की फैक्ट चेक यूनिट PIB Fact Check ने इस वायरल मैसेज को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। PIB ने स्पष्ट किया है कि रिजर्व बैंक ने 500 रुपये के नोट को बंद करने या चलन से बाहर करने संबंधी कोई सर्कुलर या आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ये नोट अब भी वैध मुद्रा हैं और जनता द्वारा सामान्य रूप से उपयोग किए जा सकते हैं।
PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की अपुष्ट और भ्रमित करने वाली खबरों पर विश्वास न करें और ऐसी सूचनाओं को साझा करने से पहले अधिकृत स्रोतों से पुष्टि जरूर करें।
RBI का असली सर्कुलर क्या कहता है?आरबीआई ने हाल ही में एटीएम से नोटों के वितरण को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है, जिसका गलत मतलब निकाला गया है। इस सर्कुलर में 500 रुपये के नोटों को बंद करने की कोई बात नहीं है, बल्कि इसमें बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों (WLAO) को यह निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके एटीएम से छोटे मूल्यवर्ग के नोट – जैसे ₹100 और ₹200 – पर्याप्त मात्रा में वितरित हों।
RBI का कहना है कि आम लोगों के लिए छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बड़े नोटों को तोड़ने में दिक्कत होती है, वहां 100 और 200 रुपये के नोटों की ज्यादा जरूरत होती है।
ATM में छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ेगीआरबीआई के अनुसार:
30 सितंबर 2025 तक देश के 75% ATM ऐसे होंगे जिनमें कम से कम एक कैसेट (cash cassette) से ₹100 या ₹200 के नोट नियमित रूप से निकाले जाएंगे।
31 मार्च 2026 तक, 90% ATM को इसी व्यवस्था के तहत लाया जाएगा।
इसका मतलब ये है कि बड़े नोट जैसे ₹500 एटीएम से निकलना पूरी तरह बंद नहीं होंगे, बल्कि छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी ताकि जनता को सुविधा हो। यानी ₹500 के नोटों की आपूर्ति सीमित की जा सकती है, लेकिन बंद नहीं की जा रही है।
नोटबंदी से नहीं है कोई संबंधकई सोशल मीडिया यूजर्स इस खबर को 2016 की नोटबंदी से जोड़कर डर और भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन इस सर्कुलर का इससे कोई संबंध नहीं है। यह एक प्रबंधकीय कदम है, न कि नोटबंदी जैसा कोई बड़ा फैसला।
500 रुपये के नोट वैध हैं और चलन में रहेंगेसंक्षेप में कहा जाए तो, भारतीय रिजर्व बैंक ने ₹500 के नोटों को न तो चलन से बाहर किया है और न ही एटीएम से पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया है। वायरल मैसेज झूठा है और केवल लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया गया है। RBI का उद्देश्य केवल छोटे नोटों की उपलब्धता को बढ़ाना है, जिससे आम जनता को लेन-देन में अधिक सुविधा मिल सके।