महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने CJP आंदोलन का किया समर्थन, रिजिजू के बयान पर उठाए सवाल

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने बुधवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि Gen Z ने महात्मा गांधी के विचारों को केवल प्रतीकों तक सीमित रखने के बजाय उनके वास्तविक मूल्यों को अपनाया है। वहीं, अभिजीत दीपके ने गांधी परिवार से मिले समर्थन को अपने आंदोलन की अहिंसक और शांतिपूर्ण प्रकृति का प्रमाण बताया।

‘गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक’

CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि गांधीजी की विचारधारा देश के लिए महत्वपूर्ण है और उनके आंदोलन की सफलता के पीछे अहिंसा का रास्ता अपनाना रहा। उन्होंने कहा कि बापू के सिद्धांत कभी समाप्त नहीं हो सकते।

दीपके ने यह भी कहा कि उनके आंदोलन की तुलना पहले नेपाल और बांग्लादेश से की जा रही थी, लेकिन गांधी के विचारों से प्रेरणा मिलने के कारण किसी अन्य उदाहरण की जरूरत नहीं है।

तुषार गांधी ने जंतर-मंतर आंदोलन को सराहा

तुषार गांधी ने कहा कि लंबे समय तक महात्मा गांधी की छवि को स्मारकों और प्रतीकों तक सीमित कर दिया गया। उन्होंने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का उदाहरण देते हुए सरकार की नीतियों पर टिप्पणी की और कहा कि अभियान में बापू के चश्मे का इस्तेमाल तो किया गया, लेकिन आंतरिक स्वच्छता का अभाव रहा।

उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि Gen Z ने गांधी के नाम या प्रतीकों के बजाय उनके विचारों को अपनाने का संकेत दिया है।

Gen Z के बाद Gen Alpha भी प्रभावित

तुषार गांधी के मुताबिक, युवाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते और सरकार से जवाबदेही मांगते देखकर Gen Alpha भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि CJP के आंदोलन को महाराष्ट्र से भी समर्थन मिल रहा है, जहां बच्चे और युवा अपनी समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने सवाल पूछने को ही इस आंदोलन की बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।

20 जुलाई के प्रदर्शन का भी किया जिक्र


इस मुलाकात के दौरान 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठा। संदर्भ सामग्री के अनुसार, उस प्रदर्शन में दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज, शॉक बैटन और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए थे। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की हिंसा से इनकार किया था।

तुषार गांधी ने सरकार के इस रुख पर आपत्ति जताई और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर गलत बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रिजिजू सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए वह इस तरह की बात कह रहे हैं। तुषार गांधी ने युवाओं के धैर्य की सराहना करते हुए पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सरकार के दावे पर सवाल उठाया।

CJP ने बताया आंदोलन को अहिंसक

अभिजीत दीपके ने तुषार गांधी से मुलाकात को अपने आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण समर्थन बताया। उन्होंने दावा किया कि गांधी परिवार से मिले समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि CJP का आंदोलन शांतिपूर्ण और अहिंसक रहा है तथा आगे भी इसी तरीके से जारी रहेगा।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और हिंसा को लेकर सरकार और तुषार गांधी के रुख अलग-अलग हैं। तुषार गांधी ने पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर सरकार के इनकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि संदर्भ सामग्री में सरकार की ओर से किसी हिंसा से इनकार की बात कही गई है।