स्वतंत्र भारद्वाज के हमले के बाद पीड़ित परिवार हिंदू धर्म छोड़ने की तैयारी में

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के दौरान यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज के हमले में घायल हुए दलित शख्स का परिवार हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने की तैयारी कर रहा है। पीड़ित की बेटी ने सोशल मीडिया और एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में यह जानकारी दी। उसका कहना है कि परिवार बौद्ध धर्म के विचारों को मानता है और जल्द ही इसे औपचारिक तौर पर अपनाने की प्रक्रिया पूरी करेगा।

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद यह परिवार एक बार फिर चर्चा में है। परिवार का आरोप है कि उन्हें पड़ोसियों की ओर से परेशान किया जा रहा है। साथ ही, बेटी ने दावा किया कि मकान मालिक ने उन्हें 20 दिन के भीतर घर खाली करने के लिए कहा है।

सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

पीड़ित परिवार की बेटी के इंस्टाग्राम समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बीच उसके कुछ पुराने वीडियो सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया। इन वीडियो में देवी-देवताओं को लेकर उसकी टिप्पणियों पर विवाद खड़ा हुआ।

परिवार जिस गाजियाबाद की सोसाइटी में रहता है, वहां के कुछ निवासियों ने भी इन टिप्पणियों का विरोध किया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में लड़की ने मकान खाली करने के कथित निर्देश को इसी विवाद से जोड़ते हुए इसे मुख्य वजह बताया। उसने बातचीत के दौरान देवी सरस्वती को लेकर अपनी टिप्पणी भी दोहराई।

‘विचारों से बौद्ध हैं, जल्द दस्तावेज में भी होगा’

बातचीत के दौरान लड़की से पूछा गया कि वह हिंदू धर्म को मानती है या बौद्ध धर्म को। उसने जवाब दिया कि वह बौद्ध धर्म को मानती है। जब उससे पूछा गया कि क्या परिवार ने हिंदू धर्म से बौद्ध धर्म में धर्मांतरण कर लिया है, तो उसने कहा कि वे विचारों से बौद्ध हैं और जल्द ही दस्तावेजों में भी ऐसा होने वाला है।

उसने इसके लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर का उदाहरण देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने भी जीवन के अंतिम चरण में धर्मांतरण किया था और उनका परिवार भी इसी तरह बौद्ध धर्म अपनाएगा। उसने यह भी कहा कि परिवार के लिए जीवन में सफलता महत्वपूर्ण है।
एससी-एसटी एक्ट को लेकर उठे सवाल का भी दिया जवाब

यूट्यूबर ने उन लोगों को कानून पढ़ने की सलाह दी, जो यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि वह बौद्ध धर्म को मानती हैं तो एससी-एसटी एक्ट का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं। इस तरह परिवार की ओर से धर्म और कानूनी अधिकारों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी अपना पक्ष रखा गया।

पिता का बैंक अकाउंट फ्रीज होने का दावा

पीड़ित की बेटी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी दावा किया। उसने कहा कि फंडिंग को लेकर की गई शिकायतों के बाद बैंक ने उसके पिता के एक अकाउंट को फ्रीज कर दिया है। उसके मुताबिक, इसी खाते में लोगों की ओर से आर्थिक मदद भेजी जा रही थी।

लड़की ने बताया कि फिलहाल परिवार पिता के दूसरे बैंक अकाउंट और मां के एक अकाउंट के जरिए खर्च चला रहा है। उसने कहा कि इस मामले में बैंक में शिकायत की गई है और बैंक की ओर से लिखित आवेदन भी लिया गया है। उसके अनुसार, खाते को करीब एक महीने में दोबारा चालू किए जाने की बात कही गई है।

पीड़ित पिता का वीडियो भी वायरल


इस पूरे विवाद के बीच घायल शख्स का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्वतंत्र भारद्वाज के हमले में घायल बताए जा रहे इस व्यक्ति ने वीडियो में कहा कि उनका जन्म हिंदू परिवार में हुआ था, लेकिन अब वह बौद्ध धर्म को मानते हैं।

उन्होंने अपनी बेटी की ओर से दिए गए बयानों का भी बचाव किया। परिवार की ओर से सामने आए इन बयानों के बीच धर्म परिवर्तन, आवास खाली करने के कथित निर्देश और बैंक खाते से जुड़े दावों को लेकर मामला चर्चा में बना हुआ है।