क्या CJP भी राजनीति में उतरेगी? सौरभ दास ने केजरीवाल का नाम लेकर क्यों कही ये बात

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता भविष्य में चुनावी राजनीति में उतरेंगे या नहीं, इस सवाल पर फिलहाल कोई स्पष्ट हां या ना नहीं कह रहे हैं। पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास ने इस रुख की वजह बताते हुए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि उस अनुभव से यह सीख मिली कि भविष्य को लेकर अभी से बड़े-बड़े दावे या वादे करने से बचना चाहिए।

CJP के नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास से लगातार चुनावी राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। हालांकि, उनका मौजूदा रुख यही है कि वे फिलहाल एक प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करना चाहते हैं। साथ ही, वे राजनीति में आने की संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं कर रहे हैं।

केजरीवाल के उदाहरण का क्यों किया जिक्र?

सौरभ दास ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि 2011, 2012 और 2013 के इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन से एक अहम सबक मिला है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिंदगी में किसी भी संभावना को लेकर यह नहीं कहना चाहिए कि ऐसा कभी नहीं होगा।

दास के मुताबिक, भविष्य में क्या होगा, इसकी घोषणा मौजूदा समय में करने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जिंदगी की तुलना समुद्र से करते हुए कहा कि जिस तरह समुद्र में अलग-अलग लहरें आती रहती हैं, उसी तरह बदलती परिस्थितियों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उनका यह बयान उस दौर की ओर इशारा करता है जब अरविंद केजरीवाल आंदोलन के दौरान राजनीति में आने की संभावना से इनकार करते थे। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी बनाने की घोषणा की और चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। इसके अलावा भाजपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने, बड़ा सरकारी आवास और सुरक्षा नहीं लेने जैसे उनके पुराने वादों को लेकर भी बाद में विपक्षी दलों ने उन्हें घेरा।
CJP अभी क्यों रख रही है सभी विकल्प खुले?

CJP नेताओं से जब चुनाव लड़ने और राजनीतिक दल के रूप में आगे बढ़ने को लेकर सवाल किया जाता है तो वे फिलहाल भविष्य के बारे में निश्चित घोषणा करने से बच रहे हैं। सौरभ दास के साथ उनकी सहयोगी रत्ना सिंह ने भी इसी तरह का रुख अपनाया।

रत्ना सिंह ने कहा कि वह वर्तमान पर ध्यान देती हैं और भविष्य को लेकर बहुत ज्यादा विचार नहीं करतीं। इसी क्रम में CJP नेताओं की ओर से फिलहाल प्रेशर ग्रुप के तौर पर काम करने की इच्छा जताई जा रही है।

दास का कहना है कि अगर भविष्य में परिस्थितियां बदलती हैं तो किसी व्यक्ति की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पैदा होना असामान्य नहीं माना जाना चाहिए। उनका तर्क है कि आज कही गई किसी बात के कारण भविष्य में किसी बदलाव को झूठ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

युवाओं को राजनीति में लाने के पक्ष में सौरभ दास

सौरभ दास ने यह भी कहा कि उनकी इच्छा है कि ज्यादा से ज्यादा युवा राजनीति में आएं। उन्होंने अच्छे लोगों को चुनावी राजनीति में जाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

दास के मुताबिक, अगर अच्छे लोग राजनीति में आएं और विधायक या सांसद बनें तो वे व्यवस्था के भीतर रहकर भी उसे साफ करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने सोनम वांगचुक की टिप्पणी के संदर्भ में भी कहा कि भविष्य में किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा हो सकती है।

CJP नेताओं का मौजूदा रुख फिलहाल चुनावी राजनीति में सीधे प्रवेश की घोषणा करने के बजाय प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करने का है। वहीं, सौरभ दास के बयान से यह स्पष्ट है कि वे भविष्य की संभावनाओं को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहते और परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं।