दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सफाई कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनके नियमितीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम मुख्यालय स्थित सिविक सेंटर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान 41 सफाई कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही हजारों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई है।
समारोह में 5,750 दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची जारी की गई, जिसे भविष्य में नियमितीकरण की प्रक्रिया का अहम आधार माना जा रहा है। इसके अलावा सेवा के दौरान दिवंगत हुए 109 कर्मचारियों के आश्रितों को भी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
स्थायी नियुक्ति से कर्मचारियों में बढ़ा उत्साहकार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने महापौर प्रवेश वाही की उपस्थिति में 41 कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके हितों की रक्षा करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं और शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखते हैं। ऐसे में उन्हें रोजगार की सुरक्षा और सम्मान देना आवश्यक है।
5750 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए खुला नियमितीकरण का रास्तासमारोह के दौरान जारी की गई वरिष्ठता सूची को कर्मचारियों के भविष्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इस सूची के आधार पर आने वाले समय में हजारों कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है।
हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली नगर निगम अगले एक वर्ष के भीतर चरणबद्ध तरीके से लगभग 9,345 कर्मचारियों को नियमित करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य है कि लंबे समय से अस्थायी रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों को स्थायी रोजगार का अवसर प्रदान किया जाए।
दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को मिला रोजगार का सहाराकार्यक्रम के दौरान 109 दिवंगत सफाई कर्मचारियों के परिजनों को भी नियुक्ति पत्र सौंपे गए। यह नियुक्तियां करुणामूलक आधार पर दी गई हैं ताकि कर्मचारियों के निधन के बाद उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
हर्ष मल्होत्रा ने जानकारी दी कि अप्रैल 2025 से अब तक कुल 791 आश्रितों को दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि निगम भविष्य में भी ऐसे परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराता रहेगा।
नियमितीकरण से मिलेगा सामाजिक और आर्थिक संरक्षणअपने संबोधन में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार और संगठन हमेशा से सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन उपलब्ध कराने और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि स्थायी नियुक्ति मिलने के बाद कर्मचारियों को केवल नौकरी की सुरक्षा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं और अन्य सरकारी लाभों का भी फायदा मिलेगा। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की दिशा में अहम कदमदिल्ली की महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों के कल्याण के लिए लगातार सकारात्मक फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल नियुक्ति प्रक्रिया नहीं है, बल्कि उन सफाई कर्मचारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है जिन्होंने वर्षों तक शहर की सेवा की है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी दिल्ली की व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके योगदान को पहचान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई वरिष्ठ पदाधिकारीइस अवसर पर नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन सत्या शर्मा, डिप्टी चेयरमैन सुंदर सिंह, डेम्स कमेटी के अध्यक्ष संदीप कपूर, डिप्टी चेयरमैन धर्मवीर सिंह तथा निगमायुक्त संजीव खिरवार समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने इस पहल को सफाई कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय बताया। उनका कहना था कि इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।