दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सोमवार को आयोजित INDIA ब्लॉक की अहम बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाने और विपक्षी दलों के बीच तालमेल मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (SP) समेत कुल 25 राजनीतिक दलों की भागीदारी का दावा किया गया, जबकि डीएमके और आम आदमी पार्टी ने इस बैठक से दूरी बनाए रखी। बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लिए गए प्रमुख निर्णयों की जानकारी साझा की।
खरगे ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सर्वसम्मति बनी है और गठबंधन ने भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
बैठक में लिए गए 5 प्रमुख फैसले
1. नियमित अंतराल पर बैठक का निर्णयखरगे ने जानकारी दी कि सभी दलों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि INDIA गठबंधन की बैठक हर दो महीने में आयोजित की जाएगी। इसी क्रम में अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में करने का निर्णय लिया गया है, जिससे संगठनात्मक समन्वय और मजबूत हो सके।
2. चुनावी अनियमितताओं पर CJI को पत्रबैठक में कथित वोटिंग गड़बड़ियों, एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही औपचारिक रूप से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
3. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांगINDIA ब्लॉक के नेताओं ने सर्वसम्मति से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है। गठबंधन का आरोप है कि NEET और CBSE परीक्षाओं में शामिल लाखों छात्रों के साथ अन्याय हुआ है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
4. सर्वदलीय बैठक की मांगबैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार को तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
5. संसदीय समन्वय को मजबूत करने का निर्णयखरगे ने बताया कि गठबंधन के सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए हर दो महीने में बैठक के साथ-साथ संसद सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं के कार्यालय में रोजाना सुबह समन्वय बैठकें करने पर भी सहमति बनी है।
25 दलों की भागीदारी और नेताओं की सहमतिबैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि इस बैठक में कुल 25 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया और सभी ने अपने-अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सभी दलों ने इन मुद्दों पर एकजुट होकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है।
खरगे ने यह भी बताया कि बैठक में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया और अपने विचार रखे। दोनों नेताओं ने भी इन प्रस्तावों और निर्णयों पर अपनी सहमति जताई, जिससे गठबंधन की एकजुटता और मजबूत होती दिखाई दी।