दिल्ली में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, H1N1 के 1,777 मामले सामने आए

दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के मामलों में बढ़ोतरी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में अब तक इन्फ्लुएंजा-ए के 2,392 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 1,777 मामले H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

सरकार के अनुसार अस्पतालों में इलाज के लिए डॉक्टरों, बेड और दवाओं की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

गुरुवार को H1N1 के 114 मामले सामने आए

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-ए के 2,300 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। शुक्रवार तक इनमें H1N1 के 1,777 से अधिक मामले शामिल थे। सिर्फ गुरुवार को ही H1N1 के 114 नए मामले दर्ज किए गए।

मामलों में वृद्धि को देखते हुए विभाग और अधिकारी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। सरकार की ओर से जारी स्वास्थ्य परामर्श में संक्रमण से बचाव के लिए श्वसन संबंधी स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकने की अपील की है। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने की सलाह भी दी गई है।

इसके अलावा श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के निकट संपर्क से बचने, आंखों और नाक को बार-बार छूने से परहेज करने और सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने को कहा गया है। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह भी परामर्श में शामिल है।
इन लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा

स्वास्थ्य परामर्श के मुताबिक बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, शरीर में दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। लोगों से बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने को कहा गया है।

दिल्ली सरकार का कहना है कि अस्पतालों में जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं और स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।