दिल्ली: होली-दिवाली पर फ्री गैस सिलेंडर, जानिए किन लोगों को नहीं मिलेगा इसका फायदा

दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने त्योहारों से पहले आम जनता को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। होली और दिवाली के अवसर पर पात्र परिवारों को मुफ्त LPG गैस सिलेंडर देने की योजना को दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इस स्कीम के तहत साल में दो बार लाभ दिया जाएगा—एक बार दीपावली पर और दूसरी बार होली पर। हालांकि, हर दिल्लीवासी इस योजना का फायदा नहीं उठा सकेगा। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस सुविधा के दायरे में कौन आएगा और किन लोगों को इससे बाहर रखा गया है।

कैसे मिलेगा दिल्लीवासियों को योजना का लाभ?

सरकार की इस योजना का लाभ दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से जुड़ी उन महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार के पास वैध राशन कार्ड है। होली और दिवाली के मौके पर इन्हें मुफ्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने 242 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। अनुमान है कि राजधानी के करीब 17.5 लाख राशन कार्ड धारक परिवार इस स्कीम से लाभान्वित होंगे।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास आधार कार्ड और दिल्ली पते वाला राशन कार्ड होना अनिवार्य है।

सिलेंडर नहीं, सीधे खाते में आएंगे पैसे

दिल्ली सरकार इस योजना के तहत घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था नहीं करेगी। इसके बजाय सरकार लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर करेगी। होली और दिवाली पर एक-एक सिलेंडर की कीमत के बराबर 853 रुपये खाते में भेजे जाएंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी रहे।

किन लोगों को नहीं मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं नागरिकों को मिलेगा जो EWS श्रेणी में आते हैं और जिनके पास वैध राशन कार्ड है। दिल्ली के वे निवासी जो इस श्रेणी में नहीं आते या जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, वे इस सुविधा से वंचित रहेंगे। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारी भी इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।

चुनावी वादे से जुड़ा है फैसला

गौरतलब है कि यह योजना भारतीय जनता पार्टी के उस चुनावी वादे का हिस्सा है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का ऐलान किया गया था। सत्ता संभालने के एक साल पूरे होने के मौके पर दिल्ली सरकार ने इस वादे को अमल में लाने का निर्णय लिया है। सरकार का दावा है कि इस पहल से महंगाई के दौर में जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।