वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की जमकर सराहना की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की सेना, नौसेना और संचार प्रणाली पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। व्हाइट हाउस में आयोजित कॉलेजिएट स्पोर्ट्स राउंड टेबल के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के कई उच्चस्तरीय नेता इस सैन्य अभियान में मारे गए हैं।
ट्रंप ने कहा, “ईरान में हमारी कार्रवाइयां शानदार रही हैं। यदि मुझे इसे 0 से 10 में रेट करना हो, तो मैं 12 से 15 अंक दूँगा। उनकी सेना समाप्त हो चुकी है, नौसेना खत्म हो गई है, संचार व्यवस्था ध्वस्त है और उनके नेता अब नहीं रहे।”
‘ईरान की सभी 32 शिप समुद्र की तलहटी में’ट्रंप ने आगे विस्तार से बताया, “ईरान के दो प्रमुख नेतृत्व सेट खत्म हो चुके हैं और अब वे तीसरे सेट पर आ गए हैं। उनकी एयर फोर्स भी पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उनके पास कुल 32 शिप थीं, अब सभी 32 समुद्र के गहराई में हैं।” उन्होंने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि यह कार्रवाई पिछले वर्षों में ईरान द्वारा किए गए अमेरिकी हमलों के बदले में की गई है।
ट्रंप ने बताया, “हमारी सेना असाधारण प्रदर्शन कर रही है। ईरान में हालात बेहद गंभीर थे और वहां के अत्याचारी नेता कई लोगों की जान ले रहे थे, जिनमें हमारे सैनिक भी शामिल थे। बम विस्फोटों में उनके हाथ-पैर और चेहरे गंभीर रूप से घायल हो रहे थे। हमारे पास दो विकल्प थे—सहते रहना या कार्रवाई करना। हमने कार्रवाई का विकल्प चुना और अब परिणाम सामने हैं।”
‘अमेरिका को अब पहले से अधिक सम्मान मिल रहा है’ट्रंप ने वेनेजुएला में पहले हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका अब पहले से कहीं अधिक सम्मानित देश बन गया है। उन्होंने कहा, “लोग हमारी सेना से बेहद प्रभावित हैं। वेनेजुएला में जो हुआ, अब जो हो रहा है और इससे पहले बी-2 बॉम्बर्स द्वारा ईरान की न्यूक्लियर क्षमता को नष्ट किया गया—इन घटनाओं ने अमेरिका की ताकत और प्रभाव को बढ़ाया है। मुझे लगता है कि आज अमेरिका वह सम्मान पा रहा है जो पहले कभी नहीं मिला था।”
याद दिला दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई उच्चस्तरीय नेता मारे गए थे। इसके बाद ईरान ने इजरायल और कुछ अरब देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की थी।