राजधानी दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी विजन के तहत दिल्ली सरकार ने शहर के प्रमुख फ्लाईओवर के नीचे की जगहों को नया रूप देने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल के तहत कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मॉडल को अपनाने का ऐलान किया है, जिसके जरिए निजी कंपनियां इन स्थानों को विकसित करेंगी और उन्हें आकर्षक सार्वजनिक स्पेस में बदलेंगी।
इस योजना में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत कई बड़ी कंपनियां जुड़ चुकी हैं। डालमिया ग्रुप, गोदरेज इंडस्ट्रीज और EaseMyTrip फाउंडेशन को इन फ्लाईओवर के नीचे की जगहों को संवारने और उनका रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी गई है। इन स्थानों को न सिर्फ साफ-सुथरा बनाया जाएगा, बल्कि उन्हें लोगों के उपयोग के हिसाब से विकसित भी किया जाएगा।
फ्लाईओवर के नीचे बनेंगे आकर्षक सार्वजनिक स्थलपरियोजना के तहत फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों को हरियाली, पौधों और आकर्षक लैंडस्केपिंग से सजाया जाएगा। दीवारों पर सुंदर म्यूरल पेंटिंग्स बनाई जाएंगी, बैठने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी और सफाई व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। इसके अलावा, लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक और सेल्फी पॉइंट भी तैयार किए जाएंगे, जिससे ये जगहें आम लोगों के लिए एक नया आकर्षण बन सकें।
इस पहल के अंतर्गत कंपनियां इन स्थानों को ‘गोद’ लेंगी और उनकी साफ-सफाई, देखभाल और सौंदर्यीकरण का पूरा जिम्मा उठाएंगी। इसके बदले में उन्हें सीमित स्तर पर विज्ञापन लगाने की अनुमति भी दी जाएगी।
इन 6 फ्लाईओवर का होगा कायाकल्पमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली के छह प्रमुख फ्लाईओवर को इस योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने संबंधित कंपनियों के साथ समझौता (MoU) भी साइन किया है।
इन फ्लाईओवर में शामिल हैं:
लोधी फ्लाईओवर,
ओबरॉय फ्लाईओवर,
हनुमान सेतु,
मयूर विहार फेज-1 फ्लाईओवर,
अप्सरा फ्लाईओवर,
नेताजी सुभाष प्लेस फ्लाईओवर।
इन स्थानों पर खास थीम आधारित सजावट भी देखने को मिलेगी। उदाहरण के तौर पर मांगी सेतु पर ‘रामायण’ की विजुअल झलक प्रस्तुत की जाएगी, जो लोगों को सांस्कृतिक अनुभव से भी जोड़ने का काम करेगी।
अतिक्रमण और गंदगी से मिलेगी राहतदिल्ली में कई फ्लाईओवर के नीचे की जगहें लंबे समय से अतिक्रमण और गंदगी की समस्या से जूझ रही हैं। इस योजना के लागू होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है। संबंधित कंपनियों को इन स्थानों के रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपने से नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी।