महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के एक प्रमुख रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में सावंतवाड़ी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब इस स्टेशन को “लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस” के नाम से जाना जाएगा। यह फैसला वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मधु दंडवते के सम्मान में लिया गया है, जिन्हें कोंकण रेलवे परियोजना के प्रमुख सूत्रधारों में गिना जाता है।
अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद स्टेशन का आधिकारिक नाम बदल दिया जाएगा।
कोंकण रेलवे से जुड़ा है मधु दंडवते का नाममुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि यह फैसला कोंकण क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मधु दंडवते का इस इलाके के विकास और खासतौर पर कोंकण रेलवे परियोजना में अहम योगदान माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें कोंकण रेलवे का “शिल्पकार” भी कहा जाता है।
मधु दंडवते भारतीय राजनीति के एक प्रमुख समाजवादी चेहरे रहे हैं। उन्होंने कई वर्षों तक संसद में जनता की आवाज उठाई। वह राजापुर लोकसभा सीट से पांच बार सांसद चुने गए थे। परिसीमन के बाद यह क्षेत्र अब रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभालीं। मोरारजी देसाई सरकार में उन्होंने रेल मंत्री का पद संभाला, जबकि वी.पी. सिंह सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया था।
सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर नियमों में बदलावकैबिनेट बैठक में केवल रेलवे स्टेशन के नाम परिवर्तन पर ही फैसला नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने “महाराष्ट्र सरकारी कर्मचारी स्थानांतरण विनियमन और सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन में देरी की रोकथाम अधिनियम, 2005” में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
इस संशोधन के तहत वर्ष 2026 में होने वाले सामान्य सरकारी तबादलों की समय सीमा बढ़ा दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों के स्थानांतरण से जुड़ी प्रक्रिया को लचीला और व्यावहारिक बनाना है।
मंदिर ट्रस्ट को जमीन हस्तांतरण की मंजूरीराज्य कैबिनेट ने ठाणे जिले के कल्याण तालुका स्थित डोंबिवली औद्योगिक क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सरकार ने सागाव सोनारपाड़ा इलाके में स्थित पिंपलेश्वर देवस्थान मंदिर ट्रस्ट को 4 एकड़ 25 गुंठा जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सरकारी बयान के मुताबिक मंदिर ट्रस्ट द्वारा इस्तेमाल की जा रही जमीन को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, नाममात्र की दर पर उस जमीन का स्वामित्व ट्रस्ट को हस्तांतरित करने की अनुमति भी दी गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से मंदिर से जुड़े धार्मिक और सामाजिक कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
न्यू नागपुर परियोजना को भी मिली राहतकैबिनेट ने विदर्भ क्षेत्र से जुड़े एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी प्रदान की। हिंगना तालुका के गोधनी और लाडगांव (रिठी) गांवों में प्रस्तावित “न्यू नागपुर” और “न्यू आउटर रिंग रोड” परियोजना के लिए निजी जमीन की सीधी खरीद पर लगने वाले स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट देने का फैसला लिया गया है।
सरकार के अनुसार इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण पारंपरिक प्रक्रिया के बजाय सीधे जमीन मालिकों से बातचीत कर किया जाएगा। इससे परियोजना की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी और भविष्य में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।