बिहार की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद लगातार नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से निष्कासित की गईं रितु जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। रितु जायसवाल के बीजेपी में शामिल होने को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि वह लंबे समय तक राजद का प्रमुख महिला चेहरा रही हैं।
रितु जायसवाल पहले राजद महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रह चुकी हैं और पार्टी में उनकी सक्रिय भूमिका मानी जाती थी। इतना ही नहीं, उन्होंने पिछला लोकसभा चुनाव शिवहर सीट से राजद के टिकट पर भी लड़ा था। हालांकि हाल के महीनों में उनका पार्टी नेतृत्व से टकराव बढ़ता गया और आखिरकार उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
टिकट विवाद के बाद बढ़ी दूरीराजनीतिक गलियारों में ‘मुखिया दीदी’ के नाम से पहचान रखने वाली रितु जायसवाल पिछले कुछ समय से आरजेडी नेतृत्व, खासकर तेजस्वी यादव से नाराज चल रही थीं। बताया जाता है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ गई थी।
रितु जायसवाल को उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें परिहार विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने पार्टी लाइन से अलग जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। हालांकि चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली और हार का सामना करना पड़ा। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को आधार बनाते हुए आरजेडी ने बाद में उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था।
बीजेपी में शामिल होते ही मोदी सरकार की तारीफभाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद रितु जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की योजनाओं की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसी पार्टी है जो राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानती है और देश के विकास के लिए काम करती है।
रितु ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं। भाजपा हमेशा राष्ट्र को पहले स्थान पर रखती है। इसी सोच और विकास की राजनीति से प्रभावित होकर मैंने पार्टी ज्वॉइन की है।”
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उनके मुताबिक यही कारण है कि उन्होंने बीजेपी के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।
तेजस्वी यादव पर भी साधा निशानाबीजेपी में शामिल होने के बाद रितु जायसवाल ने अप्रत्यक्ष रूप से तेजस्वी यादव और आरजेडी नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल पद और टिकट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जनता के लिए काम करना सबसे जरूरी है।
रितु ने कहा, “प्रधानमंत्री की योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। मैं भाजपा में इसलिए आई हूं क्योंकि मैं केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं से काफी प्रभावित हूं। आज से मैं भाजपा की कार्यकर्ता और नेत्री हूं।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रितु जायसवाल का बीजेपी में शामिल होना आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर असर डाल सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां उनकी मजबूत सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मानी जाती है।
बिहार की राजनीति में बढ़ती हलचलविधानसभा चुनाव के बाद बिहार में नेताओं के दल बदलने का सिलसिला लगातार जारी है। कई नेता अपनी राजनीतिक संभावनाओं को देखते हुए नए दलों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे माहौल में रितु जायसवाल का बीजेपी में शामिल होना विपक्षी दलों के लिए भी एक संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महिला नेताओं के बीच रितु जायसवाल की अलग पहचान रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। ऐसे में बीजेपी उन्हें बिहार में महिला वोटरों और स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण चेहरा बना सकती है।