Apple India Growth: भारत एप्पल का रिकॉर्ड राजस्व, iPhone की डिमांड और मैन्युफैक्चरिंग दोनों में जबरदस्त उछाल

नई दिल्ली। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने जून तिमाही के शानदार नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि भारत सहित 24 से अधिक देशों और क्षेत्रों में कंपनी ने रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है। कुक ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में बताया कि iPhone, Mac और अन्य सेवाओं में दोहरे अंकों की वृद्धि ने इस सफलता में बड़ी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, हमने दुनिया भर के लगभग हर बाजार में तेज विकास देखा है। iPhone की बिक्री में हर भौगोलिक क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। भारत, दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और ब्राजील जैसे उभरते बाजारों में भी दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है।

Mac की बिक्री में भी 15 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है, और सेवाओं के क्षेत्र में एप्पल ने एक नया सर्वकालिक राजस्व रिकॉर्ड कायम किया है। टिम कुक ने यह भी जानकारी दी कि कंपनी ने हाल ही में सऊदी अरब में ऑनलाइन स्टोर लॉन्च किया है और साल के अंत तक भारत और यूएई में नए रिटेल स्टोर खोलने की योजना है।

iPhone 16 बना भारत में सबसे अधिक बिकने वाला मॉडल

काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि एप्पल भारत में अपनी तेज ग्रोथ बनाए हुए है। उन्होंने कहा, iPhone की बिक्री ने इस तिमाही में 7% की हिस्सेदारी ली जबकि राजस्व हिस्सेदारी 23% रही। iPhone 16 भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल बना, जिससे एप्पल को रिकॉर्ड तोड़ तिमाही राजस्व मिला।

iPhone मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बड़ी छलांग

काउंटरपॉइंट के अनुसार, अमेरिका में भेजे गए कुल iPhone शिपमेंट में भारत का हिस्सा अब 71% हो गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में केवल 31% था। इसका मतलब है कि भारत न सिर्फ iPhone की डिमांड का केंद्र बन रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

भारत में Apple स्टोर खोलने की योजना

तरुण पाठक के मुताबिक, एप्पल इस साल के अंत तक भारत में और नए रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी कर रही है। यह कंपनी की रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जिससे ग्राहक तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

टैरिफ बढ़ने से कंपनी की लागत पर असर

टिम कुक ने यह भी बताया कि जून तिमाही में एप्पल को करीब 80 करोड़ डॉलर की टैरिफ लागत झेलनी पड़ी, जबकि सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर 1.1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है – बशर्ते टैरिफ दरों में कोई बदलाव न हो।

उन्होंने स्पष्ट किया, भविष्य की तिमाहियों के लिए इस अनुमान को स्थायी मानकर नहीं चलना चाहिए, क्योंकि वैश्विक टैरिफ दरें और व्यापार नीतियां लगातार बदलती रहती हैं।